नाले का सीमांकन कराकर इसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराए जिला प्रशासन
अतिक्रमण जल्द नहीं हटाया गया तो बैठूंगा धरने पर – पंकज शर्मा
सीहोर। सीहोर नगर में जो हो जाए थोड़ा है। यहां रसूखदारों द्वारा नियम कानून की धज्जियां उड़ाना आम बात है और इसे वो स्टेटस सिंबल समझते हैं। ऐसा ही एक मामला सीहोर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें एक रसूखदार परिवार ने सारे नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए सीहोर के जीवनदायी सीटू नाले पर ही अतिक्रमण कर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिया और सबसे बड़ी बात तो ये है कि प्रशासन की नाक के नीचे किए गए इस अवैध निर्माण की जिला प्रशासन और सीहोर नगरपालिका को कानों कान खबर नहीं हुई या फिर सबकुछ मालूम होने के बाद भी जिम्मेदारों ने इस रसूखदार की ऊंची पहुंच से घबराकर इस ओर से आँखें मूंदकर रखीं, क्योंकि किसी भी नए निर्माण की अनुमति देने पर नगरपालिका के कर्मचारी मौका मुआयना करते हैं, लेकिन इस मामले में सीहोर नपा के जिम्मेदारों द्वारा ये जहमत नहीं उठाई गई। अगर वो समय रहते मौका मुआयना कर लेते तो सीटू नाला आज इस दुर्दशा का शिकार नहीं होता और इसके अस्तित्व पर इतना गंभीर संकट खड़ा नहीं होता। इस रसूखदार परिवार की कारगुज़ारी पर जिला कांग्रेस प्रवक्ता पंकज शर्मा ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक बयान जारी कर जिला प्रशासन और सीहोर नगरपालिका से तत्काल इस अतिक्रमण को ध्वस्त कर सीटू नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। पंकज शर्मा ने कहा है कि गर्मी के समय ये नाला आधे सीहोर के जल स्त्रोतों को रिचार्ज करता है तथा मवेशियों के लिए पीने के पानी के लिए भी उपयोग में आता है, तो वहीं भरी बारिश के मौसम में ये जल का निस्तार कर नगर को बाढ़ की समस्या से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि यदि ये अतिक्रमण जल्द ही नहीं हटाया गया तो इस नाले का अस्तित्व खत्म हो जाएगा, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को गंभीर जलसंकट का सामना करना पड़ेगा, तो वहीं तेज बारिश होने पर नगर में जलजमाव और बाढ़ जैसे हालात निर्मित होने से भी आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा, साथ ही इससे जलीय जंतुओं, वनस्पतियों, पेड़ पौधों के अस्तित्व पर संकट खड़ा होने से गंभीर पर्यावरणीय असंतुलन भी खड़ा हो सकता है। पंकज शर्मा ने जिला प्रशासन और सीहोर नगरपालिका से मांग की है कि तत्काल इस अतिक्रमण को ध्वस्त कर सीटू नाले को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा इसकी अनुमति देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए इस रसूखदार परिवार पर भी भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए तथा अतिक्रमण हटाने के पूरे खर्च की वसूली भी इसी रसूखदार परिवार से की जानी चाहिए और भविष्य में कोई भी रसूखदार व्यक्ति ऐसा ना कर सके ये भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पंकज शर्मा ने सीहोर जिला प्रशासन और सीहोर नगरपालिका से पूरे नाले का सीमांकन करवाने तथा इसके आसपास से सभी स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण हटाकर इसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की भी मांग की है। उन्होंने अंत में कहा कि यदि इस रसूखदार परिवार के अतिक्रमण को शीघ्र ही नहीं हटाया गया, तो सीटू नाले के अस्तित्व को बचाने हेतु तथा सीहोर की जनता के हित में वो धरने पर बैठेंगे और साथ ही माननीय उच्च न्यायालय, एनजीटी, पर्यावरण विभाग में भी इसकी शिकायत कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग करेंगे।








