पुतिन ने कहा है कि रूस यूरोपीय खरीदारों को तेल और गैस की आपूर्ति करने के लिए तैयार है, बशर्ते यह सहयोग दीर्घकालिक हो और मॉस्को पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव न डाला जाए। पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, 2022 में शुरू होने के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
पुतिन ने कहा कि रूस एशिया में अपने भरोसेमंद साझेदारों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ॥ह्वठ्ठद्दड्डह्म्4 और स्द्यश1ड्डद्मद्बड्ड को भी तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, अगर यूरोपीय कंपनियां और खरीदार दीर्घकालिक और स्थायी सहयोग के लिए तैयार हैं, जिसमें कोई राजनीतिक दबाव न हो, तो हम आगे बढऩे के लिए तैयार हैं। हमने कभी इनकार नहीं किया।
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस यूरोपीय देशों के साथ काम करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए उन्हें स्पष्ट संकेत चाहिए कि वे स्थिर और टिकाऊ सहयोग सुनिश्चित करना चाहते हैं। गौरतलब है कि ने 2022 में रूसी कच्चे तेल के समुद्री आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा यूक्रेन के रास्ते आने वाली को हुए नुकसान के कारण जनवरी से हंगरी और स्लोवाकिया को रूस से तेल की आपूर्ति लगभग पूरी तरह बंद हो गई है।
पुतिन का यह बयान हंगरी के प्रधानमंत्री की उस अपील के कुछ घंटों बाद आया है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय संघ से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में उछाल को देखते हुए रूसी तेल और गैस पर लगाए गए प्रतिबंधों को रोकने पर विचार करने की मांग की थी।








