77वें गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली अलर्ट, दिल्ली पुलिस के पोस्टर्स में दिखा एक्यूआईएस आतंकी मोहम्मद रेहान

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नई दिल्ली (आरएनएस)। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने जारी किए गए अलर्ट पोस्टरों में अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट ( ्रक्तढ्ढस्) से जुड़े आतंकवादी मोहम्मद रेहान की तस्वीर शामिल की है। यह पहली बार है जब किसी स्थानीय अल-कायदा आतंकी की तस्वीर गणतंत्र दिवस से पहले जारी किए गए सुरक्षा अलर्ट पोस्टरों में प्रमुखता से प्रकाशित की गई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद रेहान दिल्ली का रहने वाला है और लंबे समय से दिल्ली पुलिस व खुफिया एजेंसियों को उसकी तलाश है। उसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन ्रक्तढ्ढस् का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस समारोह से पहले खुफिया एजेंसियों से प्राप्त संभावित आतंकी खतरों की सूचनाओं के मद्देनजर कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में बहुस्तरीय, तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। नई दिल्ली जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश कुमार महाला के अनुसार, कर्तव्य पथ क्षेत्र में दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का मजबूत सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है। पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों के व्यापक नेटवर्क के साथ उन्नत फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (स्नक्रस्) के जरिए निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय समारोह के दौरान करीब 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब तक नौ बार जमीनी स्तर पर ब्रीफिंग की जा चुकी है। पैदल आवाजाही करने वाले लोगों को कम से कम तीन स्तरों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (ष्ठस्नरूष्ठ) से गुजरना होगा। इसके अलावा एंटी-ड्रोन यूनिट और ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स की टीमें भी तैनात की गई हैं।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारत की सांस्कृतिक विविधता को विशेष रूप से प्रदर्शित करेगा। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में की गई भारतीय सेना की सटीक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह पहली गणतंत्र दिवस परेड होगी। पहली बार कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के स्वदेशी हथियार और टैंक ‘फेज्ड बैटल अरे’ के तहत उसी युद्धक फॉर्मेशन में नजर आएंगे, जैसे वे वास्तविक युद्ध के मैदान में होते हैं। मेहमानों की सुविधा के लिए इस बार बैठने के ब्लॉकों के नाम देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं।

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