नई दिल्ली (आरएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में लगातार बिगड़ते प्रदूषण के स्तर पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सर्वोच्च अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए अगले 4 हफ्तों के भीतर अपना ‘एक्शन प्लान’ पेश करें। कोर्ट ने दो टूक कहा है कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा सुझाए गए 15 लॉन्ग टर्म (दीर्घकालिक) उपायों को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। इन उपायों में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने से लेकर मेट्रो विस्तार और नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति जैसे अहम कदम शामिल हैं।
तीन जजों की बेंच ने दिया अल्टीमेटम
बुधवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की तीन सदस्यीय बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। बेंच ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और अन्य सभी संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिया कि दिल्ली-एनसीआर में गिरते एयर क्वालिटी इंडेक्स को सुधारने के लिए ष्ट्रक्तरू के उपायों पर आधारित कार्ययोजना चार सप्ताह के अंदर कोर्ट के समक्ष रखी जाए। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब इन सिफारिशों पर किसी भी तरह की आपत्ति या बहानेबाजी पर विचार नहीं किया जाएगा।








