सीहोर। विश्व सहायता दिवस के उपलक्ष्य में राठौर क्षत्रीय समाज महिला मण्डल द्वारा राठौर धर्मशाला गंज में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसके तहत् कडक़ती ठण्ड को देखते हुए नगर के जरुरतमंद नागरिकगणों को सम्मान के साथ कम्बल, स्वेटर, मौजे एवं खाद्य सामग्री भेट की गई। जिसकी राठौर समाज के पुरुष वर्ग ने सराहना की। इस मौके पर राठौर क्षत्रीय समाज व महिला मण्डल ने रविन्द्र राठौर पाढऱ बैतुल आईडिया प्रमोटर के विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि आज 11 जनवरी 2026 को नव वर्ष के प्रथम माह में नवीन उत्साह और नवीन संकल्प के साथ वैश्विक स्तर पर जरूरतमंद एवं असहाय लोगों की सहायता के उद्देश्य से विश्व सहायता दिवस मनाने की ऐतिहासिक पहल भारत से प्रारंभ की गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न घटनाक्रमों के अंतर्गत यह सर्वविदित है कि जब-जब विश्व में मानवीय जीवन पर आपदा या संकट की स्थिति उत्पन्न हुई है, तब-तब भारत ने सदैव मानवता के पक्ष में आगे बढक़र संबंधित देशों की सहायता की है। प्राकृतिक आपदाएं हों, मानवीय संकट हों या वैश्विक चुनौतियाँ—भारत ने अपनी परंपरागत सेवा, सहयोग और करुणा की भावना का परिचय दिया है। इन्हीं मानवीय मूल्यों, सेवा-भाव और वसुधैव कुटुंबकम जैसी महान भारतीय विचारधारा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से विश्व सहायता दिवस को एक नवीन वैश्विक दिवस के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य मानव कल्याण, परस्पर सहयोग, आपसी भाईचारे और संकटग्रस्त लोगों तक सहायता पहुँचाने की भावना को विश्वभर में प्रोत्साहित करना है। जिसके तहत आज राठौर धर्मशाला में विश्व सहायता दिवस का शुभारंभ कर इसे संपूर्ण विश्व में मनाने का आह्वान किया गया, ताकि मानवता, सहयोग और सहायता की भावना को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती मिले। यह पहल न केवल जरूरतमंदों के लिए आशा का संदेश बनेगी, बल्कि विश्व को यह भी स्मरण कराएगी कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।







