संतों और वक्ताओं ने हिंदू समाज को संगठित रहने का संदेश, अत्याचारों के खिलाफ मुखर हुई आवाज
जगतगुरु पंडित अजय पुरोहित ने कहाकि आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना समय की आवश्यकता
सीहोर। जगतगुरु यशोदा नंदन महाराज पंडित अजय पुरोहित में अपने उद्बोधन में कहा कि हम बचपन से केवल एक बात सुनकर बड़े हुए हैं की कोई हमारे एक गाल पर तमाचा मार तो उसके सामने अपना दूसरा गाल भी कर दो यही हमारी कमजोरी बन गया है वर्तमान विश्व परिदृश्य में हमें अपने आप को बदलकर यह सोचना पड़ेगा की कोई हमारे एक गाल पर तमाचा मार तो हम उसके दोनों गालों पर प्रहार करें। उक्त विचार विशाल हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद जगत गुरु पंडित अजय पुरोहित ने कहे। हिंदू समाज से संगठित रहने, आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने और हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के खिलाफ एक स्वर में खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि सनातन संस्कृति की रक्षा तभी संभव है जब समाज जागरूक, संगठित और सक्रिय रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान संघ जिला कार्यवाह संतोष तोमर और संयोजक राकेश विश्वकर्मा ने धर्म, संस्कार और संस्कृति पर गहन विचार साझा किए गए, जिससे उपस्थित लोगों में उत्साह और चेतना का संचार हुआ। सम्मेलन में विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
रविवार को तीन स्थानों से विशाल कलश यात्रा 11 जनवरी को करौली मंदिर एवं रानी मोहल्ले राठौर मोहल्ले से विशाल कलश यात्रा के माध्यम से वसुधा गार्डन में विराट हिंदू सम्मेलन रखा गया जिसमें संतों का मार्गदर्शन हुआ जिसमें संत श्री 1008 जगद्गुरु यशोदा नंदन महाराज पंडित अजय पुरोहित सार्वभौम सनातन धर्म महासभा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ एवं संघ जिला कार्यवाह संतोष तोमर का उद्बोधन हुआ कार्यक्रम में सकल हिंदू समाज के प्रमुख उपस्थित रहे जिसमें मुख्य रूप से विश्व हिंदू परिषद राकेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि पूरे जिले में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में सभी समाज के अध्यक्ष, क्षेत्रवासी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद थी।







