बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं पर अत्याचार, एक और युवक की हत्या; 10 दिन में तीसरा मामला

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ढाका (ए.)। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और अत्याचार का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मयमनसिंह जिले में एक और हिंदू युवक की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, बिजेंद्र बिश्वास नामक युवक की नोमान मियां नाम के शख्स ने हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नोमान मियां को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि इसी जिले में महज 10 दिन के भीतर हिंदू युवक की हत्या का यह दूसरा मामला है।
भीड़तंत्र का शिकार हो रहे अल्पसंख्यक
बांग्लादेश में पिछले कुछ दिनों में भीड़ द्वारा हत्या (मॉब लिंचिंग) की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। राजबाड़ी जिले में 24 दिसंबर को 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों ने उन पर जबरन वसूली का आरोप लगाया था, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो गई। इससे पहले 18 दिसंबर को मयमनसिंह के भालुका इलाके में दीपू चंद्र दास की भी इसी तरह हत्या की गई थी। उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाकर भीड़ ने न केवल उन्हें पीटा, बल्कि उनके शव को फंदे से लटकाकर जला दिया। दीपू हत्याकांड में पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने पीडि़त परिवार की जिम्मेदारी उठाने का भरोसा दिया है।
हादी की मौत के बाद भडक़ी हिंसा की आग
देश में 12 दिसंबर से अशांति का माहौल बना हुआ है। दरअसल, छात्र नेता उस्मान शरीफ हादी को गोली मारी गई थी, जिनका सिंगापुर में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत के बाद से ही देश भर में प्रदर्शन और हंगामा जारी है, जिसकी आड़ में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। हत्याओं के अलावा आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। चटगांव के राउजान इलाके में पिछले 5 दिनों के अंदर तीन अलग-अलग स्थानों पर 7 हिंदू परिवारों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं से वहां रह रहे हिंदू समुदाय में भय का माहौल है।

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