मोहन भागवत द्वारा ब्राह्मण समाज के विषय में की गई व्याख्या निश्चित ही निंदनीय हैं
नर्मदापुरम। देश में बढ़ता हुआ जातिवाद एक ऐसी गंभीर बीमारी है जो लोकतंत्र के लिए घातक हो सकती है ऐसे समय में मोहन भागवत द्वारा ब्राह्मण समाज के विषय में की गई व्याख्या निश्चित ही निंदनीय हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही उनकी इस व्याख्या पर ब्राह्मण समाज में आक्रोश होना स्वाभाविक है अतः शीघ्र ही मोहन भागवत जी को अपना स्पष्टीकरण देते हुए यह सार्वजनिक की जाना चाहिए की उनके द्वारा ब्राह्मण समाज के विषय में की गई व्याख्या सही है अथवा गलत उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी अरुण दीक्षित ने कहा कि मोहन भागवत के इस व्यक्त से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सम्मान समाज में धूमिल हो रहा है आरएसएस के सदस्यों को भी सामाजिक समरसता के तहत अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करना चाहिए।






