नई दिल्ली (ए.)। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस दावे पर तंज कसा, जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल करना चाहते थे। रमेश ने कहा कि उन्होंने भाजपा नेता राजनाथ सिंह को मणिबेन पटेल की डायरी सौंपी और उनसे कहा कि अगर उन्हें सरकार में बने रहना है तो उन्हें गुजराती सीखनी होगी। एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस के महासचिव (संचार) ने कहा कि राजनाथ सिंह ने नेहरू और बाबरी मस्जिद की आलोचना की और मणिबेन पटेल की डायरी का हवाला दिया, इसलिए मैंने उन्हें डायरी दिखाई। मैंने डायरी का अनुवाद उन्हें सौंपा और पूछा कि इसमें नेहरू का जिक्र कहां है। मैं उनसे कहना चाहता था कि अगर उन्हें सरकार में बने रहना है तो उन्हें गुजराती सीखनी होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 3 दिसंबर को कहा कि नेहरू के विपरीत, पटेल ने किसी भी समुदाय को खुश करने की कोशिश नहीं की। नेहरू ने गिर सोमनाथ जिले में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण पर सवाल उठाए थे। राजनाथ सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल सच्चे धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति थे। वे तुष्टीकरण में विश्वास नहीं करते थे। जब जवाहरलाल नेहरू ने बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर सरकारी धन खर्च करने की बात कही, तो अगर किसी ने इसका विरोध किया, तो वह गुजरात में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल थे। उस समय उन्होंने सरकारी धन से बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं होने दिया। संसद में वंदे मातरम पर हुई विशेष चर्चा के बाद रमेश ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह बहस पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की विरासत को धूमिल करने के लिए आयोजित की गई थी।








