51 कुण्डीय यागत्री महायज्ञ का पूर्णाहूति के साथ हुआ समापन

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 समापन की बेला पर कार्तिकेय  हुए यज्ञ में शामिल
संस्कारवान, नशा मुक्तआदर्श युवा ही सच्चे राष्ट्र निर्माता-सूरत सिंह अमृते

सीहोर। बुधनी  के दशहरा मैदान मैं चल रही श्रीमद् भागवत प्रज्ञा पुराण कथा में मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रतिनिधि के रूप में कार्तिकेय चौहान का आगमन हुआ, उन्होने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि गायत्री परिवार द्वारा चालये जा रहे स्वास्थ्य स्वालम्बन पर्यावरण, नारी जागरण और व्यसन मुक्ति व कुरिति उन्मूलन द्वारा जनमानस  के ऊपर पढ़ रहे विपरीत प्रभाव का विस्तृत रूप से उल्लेखन किया।
श्रीमद् भागवत प्रज्ञा पुराण का पूजन करने के बाद कथा व्यास श्री अमृते से आशीर्वाद लिया और आज की कथा में कथा व्यास श्री सूरत सिंह अमृते ने बताया कि भारतीय संस्कृति में ऋषि परंपरा, संस्कारों का महत्व एवं वर्तमान युवा पीढ़ी को नषामुक्त बनाकर भारत को पुन: गौरवशाली राष्ट्र बनाने के उद्देष्य को लेकर अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार से हापुड़ जिले में धौलाना मे अपने चार दिवसीय प्रवास पर आई टोली द्वार 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत प्रज्ञा पुराण कथा के माध्यम से परम पूज्य गुरूदेव  आचार्य  पं श्रीराम शर्मा के युग निर्माण मिशन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
हरिद्वार से आए टोली नायक श्री अमृते ने बताया कि  शांतिकुंज हरिद्वार से कई टोलियाँ पूरे भारत में निकली हैं, जो युवाओं को मिशन के सप्तसूत्रीय क्रांतिकारी आंदोलनों से जोडकऱ उनमें नई आध्यात्मिक चेतना एवं राष्ट्र जागरण के प्रति नई ऊर्जा का संचार करेंगी। श्री अमृते ने बताया कि हमारी प्राचीन भारतीय ऋषि संस्कृति सारी दुनिया में फैली हुई थी। जिससे बच्चों के अंदर संस्कार एवं आदर्ष भरे थे इसलिए हमारा देश कभी ज्ञान के क्षेत्र में जगद्गुरु था धन के क्षेत्र में सोने की चिडिय़ा कहलाता था। एवं शौर्य के क्षेत्र में चक्रवर्ती था। वही संस्कार परंपरा आज पुन: जागृत हो एवं भारत विश्व गुरू बनकर उभरे इसके लिए शांतिकुंज हरिद्वार विचार क्रांति अभियान के माध्यम से व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण, समाज निर्माण एवं युग निर्माण हेतु लगातार प्रयासरत है। अमृते जी ने बताया कि युग निर्माण योजना के संस्थापक वेद मूर्ति पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के साधन के 100 वर्ष एवं माता भगवती देवी की जन्म शताब्दी वर्ष है अखंड दीपक का प्रकट के सौ वर्ष का  भव्य कार्यक्रम हरिद्वार में होने जा रहा है। जिसमें नन्हे मुन्ने बच्चों से लगा करके युवा  भाई बहनों को दिशा दी जाएगी।
श्री अमृते जी ने कहा कि जो बच्चे संस्कारों से भटक गए हैं वे नशे के चंगुल में  दिशा हीन होकर कई तरह की समस्याओं को जन्म दे रहे हैं। नषामुक्त युवा ही स्वस्थ रहकर आध्यात्मिक और भौतिक विकास कर सकता है साथ ही राष्ट्रोत्थान में अपनी भूमिका निभा सकता है उसके लिए 25 नवंबर को सवेरे से ही सारे संस्कार पुंसवन, नामकरण विद्याराम और दीक्षा संस्कार संपन्न होंगे। टोली नायक श्री अमृते एवं उनके सहायक बनवारी लाल सैनी, सोमार नागेश, नीरज विश्वकर्मा, मनीष साहू सहित सीहोर के समस्त कार्यकर्ता एवं 51 गांव के भाई बहनों के द्वारा समयदानी युवाओं एवं महिलाओं को संकल्प दिलाकर पूरे साल चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई।
इस अभियान को पूरे सिहोर जिला बुधनी जिले में चलाने के लिए  यज्ञ एवं कथा के माध्यम से युवाओं एवं भाइयों बहनों को संकल्प कराया।

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