रेलवे स्टेशन बना पुलिस छावनी, किसानों ने स्टेशन पर की जमकर नारेबाजी, ट्रेन से उतारने पर जताई नाराजगी
नर्मदापुरम। इटारसी। रेलवे जंक्शन इटारसी और संभाग मुख्यालय की रेलवे स्टेशन मंगलवार को पुलिस छावनी में तव्दील हो गई। दिल्ली में राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन के आह्वान पर आंदोलन के लिए जा रहे किसानों को पुलिस बल ने इटारसी और नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर उतार लिया। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए देश भर से संगठन ने अपने सदस्यों और किसानों को आमंत्रित किया है। उसी आंदोलन में चेन्नई से विरोध प्रदर्शन करने नई दिल्ली जा रहे एक किसान संगठन के लोगों को शाम के समय नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर जीटी एक्सप्रेस को करीब दो घंटे रोककर उतार लिया गया। जीटी एक्सप्रेस से किसानों को जबरदस्ती उतारा गया। इससे नाराज किसानों ने हंगामा भी किया मगर पुलिस बल ने उनकी कोई बात नहीं सुनी। उधर इटारसी स्टेशन पर भी पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। इटारसी जंक्शन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी कुछ किसानों को उतारा गया। सूत्रों के मुताबिक तमिलनाडु के राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन के करीब 200 सदस्य सोमवार को जीटी एक्सप्रेस से रवाना हो रहे थे। इस बात की जानकारी लगने पर बड़ी संख्या में पहले से ही पुलिस रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। पूर्व एसपी डा गुरूकरण सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के समूह ने किसानों को रेल के अंदर सेे नीचे उतार लिया। जिस पर किसान नाराजगी जता रहे थे। महिला किसान भी इस यात्रा में शामिल थी।
दिल्ली में आंदोलन की योजना
किसान समूह की दिल्ली में आंदोलन की योजना थी। उन्हें दिल्ली रवाना होने से पहले रोकने के लिए नर्मदापुरम में उतारने की तैयारी की गई। कुछ किसान तमिलनाडु एक्सप्रेस से भी निकले थे जिन्हें इटारसी रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। यह ट्रेन शाम 6 बजकर 30 मिनट पर इटारसी आई थी। इटारसी जंक्शन पर भी पुलिस बल लगाया गया। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा बनाने के लिए नर्मदापुरम, हरदा, रायसेन, सीहोर भोपाल और छिंदवाड़ा समेत अन्य जिलों से पुलिस आरपीएफ और जीआरपी का फोर्स बुलाया गया। इन सभी जगहों पुलिसकर्मी दोपहर 1 बजे तक नर्मदापुरम और इटारसी में कदम रख चुके थे। दोपहर 3 बजे से नर्मदापुरम और इटारसी रेलवे स्टेशन पर पुलिस बल को पूरी प्लानिंग के साथ लगा दिया गया था।
ट्रेनों के आने का इंतजार कर रही थी पुलिस
आंदोलन के लिए जा रहे हरे रंग के गमछाधारी किसानों को पुलिस उतारने के लिए रेलवे स्टेशन पर एक दो घंटे पूर्व से ही एकत्रित होने लगी थी। दलबल के साथ पुलिस दिल्ली के किसान आंदोलन में शामिल होने निकले किसानों को रोकने और उतारने के लिए तत्पर थी। दोनों स्टेशनों पर चिन्हित ट्रेनों के आते ही उक्त कोचों में पुलिसकर्मी घुस गए। जिन कोचों में किसानों की मौजूदगी थी उन्हें दोनों तरफ से पुलिसकर्मियों ने घेरने के बाद किसानों को उतारना चालू किया। पुलिस की सख्ती से किसानों ने विरोध भी किया।
तमिलनाडु में कावेरी जल मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर चुके
राष्ट्रीय दक्षिण भारतीय नदी संपर्क किसान संगठन है। यह वही संगठन है जिसने तमिलनाडु में कावेरी जल मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। यह संगठन नदियों को आपस में जोड़ने की राष्ट्रीय परियोजना के विरोध में या उसमें भाग लेने वाले दक्षिण भारत के किसानों का प्रतिनिधित्व करता है।
ये हैं प्रमुख मांगे-
कृषि उत्पादों के लिए 2 गुना लाभदायक मूल्य निर्धारित हो।
व्यक्तिगत किसानों के लिए फसल बीमा योजना लागू हो।
किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक ऋण माफ किया जाए।
तमिलनाडु को बचाने के लिए कर्नाटक में मेगदादु बांध परियोजना को रोकना।
60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों के लिए 5000 रुपए मासिक पेंशन।
छात्रों द्वारा लिए गए सभी शैक्षिक ऋणों को माफ करना।
2024 में भी निकले थे किसान
पिछले साल 28 जुलाई 2024 को संगठन के अध्यक्ष अय्याकन्नू अपने 114 कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ 12615 जीटी एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। दल में 15 महिलाएं भी थीं। तब दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर उन्हें नर्मदापुरम स्टेशन पर ही उतारा गया था। वे उस समय तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे।






