नर्मदा संस्कृति उत्सव: शास्त्रीय, सुगम, लोक संगीत के गायन.वादन का अद्भुत संगम

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नर्मदा मैया तू महारानी निर्मल निर्मल पानी

मां नर्मदा के पावन तट पर गुंजायमान हुई गीत संगीत की स्वर लहरियां

नर्मदापुरम। दो दिवसीय नर्मदा संस्कृति उत्सव 2025 का आयोजन नर्मदापुरम् कला जगत के तत्वावधान में 15 एवं 16 नवंबर को सेठानी घाट स्थित तिलक भवन में सम्पन्न हुआ। जिसमें देश के कीर्तिनाम श्रेष्ठ अतिथि कलाकारों के साथ नगर के उदीयमान कलाकारों ने भी उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर संस्कृति उत्सव को गरिमा प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक पं गिरिजाशंकर शर्मा एवं समाजसेवी राकेश फौजदार की उपस्थिति में हुआ। प्रथम प्रस्तुति अथर्व दुबे ने सारंगी पर मधुवंती राग में छोटा ख्याल का वादन प्रस्तुत कर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। जिसमें विपुल दुबे ने तबले पर संगत की। द्वितीय प्रस्तुति भोपाल से पधारे वरिष्ठ सितार वादक श्याम वैष्णव ने अपने मधुर सितार वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आपने राग वागेश्री प्रस्तुत कर जोड़ आलाप झाला विलंबित के साथ शैली गायकी व तंत्रकारी में पूर्वी धुन और भजन की बेजोड़ प्रस्तुति दी। इंदौर से पधारे शिवांश सोनी ने तबला पर उत्कृष्ट संगत की। तृतीय प्रस्तुति तालवृंद के अंतर्गत सुरवाणी संस्थान के संस्थापक रामसेवक शर्मा के शिष्यों सुमुख दीवान कुशाग्र सैनी यश यादव अन्वय परसाई ने तीनताल में कायदा टुकड़ा और परन आदि की प्रस्तुति दी। हारमोनियम पर लहरा संगत उदित नारायण तिवारी ने की। कार्यक्रम के अंत में जबलपुर से पधारे आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के ए ग्रेड कलाकार प्रकाश तिवारी ने भजन आज मोहे रघुवर की सुध देखो री सखी गीत ग़ज़लें . इश्क की चिंगारियां चांद से चेहरे को हसरतें जैसी ग़ज़लें व बुन्देली लोकगीत . महिमा नरबदा की नर्मदा मैया हो बम्बुलिया भजन गाकर श्रोताओं को भवविभोर कर दिया। आपके साथ हारमोनियम पर राम परसाई तबला पर शिवांश सोनी व ढोलक पर सक्षम पाठक ने संगत की।

द्वितीय दिवस नर्मदापुरम् के नीवा फ्यूजन बैंड के कलाकारों आदित्य परसाई ऋत्विक राजपूत प्रसंग तोमर विपुल दुबे विशाल सगर सक्षम पाठक निकुंज सैनी यश मालवीय ने नर्मदाष्टक मधुराष्टकं शिव पंचाक्षर स्त्रोत व भज गोविंदम मूढ मते भजन का मधुर प्रस्तुतियाँ दी। नई दिल्ली से पधार मोनीदीप मित्रा ने हवाइन गिटार पर राग हेमंत में आलाप जोड़ झाला विलंबित आदि तीनताल में मनमोहक प्रस्तुति देकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी और पहाड़ी धुन बजाकर वादन का समापन किया। तबला संगत शिवांश सोनी ने की । निमाड़ी लोक गायन हेतु महेश्वर की श्रीमती मनीषा शास्त्री श्रीमती संगीत सोहनी श्रीमती सलोनी सोहनी सुश्री यशी गीते ने शिव गिरिजा के लाला नर्मदा मैया तू महारानी निर्मल निर्मल पानी मालवा से गाड़ी अम्बे माता वेगा आओ जैसे भजन सुनाकर आपने श्रोताओं का मन मोह लिया । इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा, अरुण शर्मा तथा पंडित भालचंद्र खड्डर शिव दीक्षित आनंद नामदेव प्राणकृष्णसाईं केशव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित रहे। डॉ संतोष व्यास राकेश दुबे मनोज परसाई राजेश कुलश्रेष्ठ स्वप्निल छेनिया सुनील चौरे विजय पालीवाल अर्कजीत सिंह चड्ढा ने आयोजन की संपूर्ण व्यवस्था संभाली। कार्यक्रम में कलाकारों का परिचय स्वर्णलता छेनिया ने दिया व मंच संचालक संस्था सचिव डॉ नमन तिवारी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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