मनस्विनी कला केंद्र आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम

Join Us

नर्मदापुरम। मनीष शंकर शर्मा सपोर्ट फ़ाउंडेशन के तत्वावधान में निमसाडिया ग्राम में मनस्विनी सिलाई केंद्र आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम का शुभारंभ किया गया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इस केंद्र की संकल्पना एवं संचालन का श्रेय श्रीमती प्रीति शर्मा को जाता है, जिन्होंने अपने अनुभव और संवेदनशील दृष्टिकोण से इस परियोजना को आकार दिया। श्रीमती शर्मा ने बताया कि सिलाई, ब्लॉक प्रिंटिंग, पेंटिंग आदि जैसे पारंपरिक कौशलों के प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में योगदान दे सकेंगी और आत्मसम्मान के साथ जीवन यापन कर सकेंगी। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती लता शर्मा, श्रीमती मंडवी शर्मा एवं श्रीमती कल्पना शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने फ़ाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के केंद्र गाँवों की महिलाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे। कार्यक्रम में विशेष रूप से श्रीमती आरती शर्मा, श्रीमती रेनू नायक, श्रीमती आरती अग्रवाल, श्रीमती स्वाति रजोऱिया, श्रीमती श्वेता शर्मा एवं श्रीमती शिवानी शर्मा की उपस्थिति रही। जिन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित किया और उनके साथ संवाद भी किया। सभी उपस्थित अतिथियों ने महिलाओं की लगन, उत्साह और सीखने की इच्छा की सराहना की। कार्यक्रम में विद्या मंदिर स्कूल निमसाड़िया की प्रिंसिपल श्रीमती नीतू चौरे की सक्रिय भूमिका का फाउंडेशन के सदस्य ने आभार व्यक्त किया। फ़ाउंडेशन की टीम ने बताया कि इस केंद्र में प्रशिक्षित महिलाओं को आगे चलकर अपने बनाए उत्पादों की बिक्री के लिए भी सहयोग दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भरता के साथ.साथ आर्थिक सशक्तिकरण की राह पर आगे बढ़ सकें। महिलाओं की प्रगति ही समाज की असली शक्ति है। जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र प्रगति करता है।

श्रीमती प्रीति शर्मा

मनीष शंकर शर्मा सपोर्ट फ़ाउंडेशन जो स्व. मनीष शंकर शर्मा आईपीएस की स्मृति में स्थापित किया गया है, समाज में सेवा और सोच के माध्यम से स्थायी परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। फ़ाउंडेशन द्वारा शिक्षा पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में कई सार्थक पहलें की जा रही हैं। यह पहल उसी दिशा में एक और प्रेरणादायक कदम है जहाँ हर महिला को अपनी प्रतिभा और श्रम से एक नई पहचान बनाने का अवसर मिले।

Previous articleग्राम विकास प्रस्फुटन समिति की बैठक में तैयार की बिरसा मुंडा जयंती मनाने की रूपरेखा
Next articleतीन दिवसीय गुरूकुल महोत्सव में देश भर से आएंगे वैदिक विद्वान