नर्मदापुरम में गुरुनानक देव जी आ थे सन 1418 में
बलराम शर्मा
नर्मदापुरम। नर्मदातट पर प्राचीन काल से साधु संतों महंतों का आगमन होता रहा है। ऐसा बताया गया है कि सिख पंथ के जनक गुरुनानक देव जी 1418 में नर्मदापुरम होशंगाबाद आए थे। गुरूनानक के द्वारा स्वर्ण स्याही से हस्त लिखित पवित्र गुरुग्रंथ साहिब नर्मदातट के मंगलवारा स्थित गुरूद्वारे में मौजूद है। गुरूद्वारे के पास ही प्राचीन किला भी है। जिसमें तत्कालीन राजा हुशंगशाह गुरूनानक देव की दिव्यता से प्रभावित होकर उनके शिष्य हो गए थे। ऐसा बताया जाता है कि हुशंगशाह गुरु नानक देव से मिले और उनसे राजा फकीर और मनुष्य का भेद जानने की इच्छा व्यक्त की। गुरुनानक देव ने राजा से कमर में कोपिन कमर कस्सा बांधने को कहा। राजा ने गुरुनानक देव जी की कमर पर कोपिन बांधा तो उनके आश्चर्य की सीमा नहीं रही। क्योंकि कोपिन में गठान तो बंध गई पर कोपिन में कमर नहीं बंधी। राजा ने तीन बार कोशिश कर गुरुनानक देव की कमर में कोपिन बांधने का प्रयास किया लेकिन वे कोपिन बांधन में सफल नहीं हो सके। इस तरह के आश्चर्य व चमत्कार को प्रत्यक्ष देखकर राजा हुशंगशाह गुरुनानक देव के चरणों में गिर पड़े अौर बोले मुझे अपना शिष्य मान लीजिए। 17 साल बाद 1435 में राजा हुशंगशाह की मृत्यु के बाद उनका पुत्र गजनी खान यहां का उत्तराधिकारी हो गया था।
स्वर्ण स्याही से हस्तलिखित है गुरुग्रंथ साहिब
मंगलवारा घाट के प्राचीन गुरूद्वारे में स्वर्ण स्याही से हस्तलिखित गुरुग्रंथ साहिब मौजूद है। सिख धर्म के पांच सबसे बड़े तीर्थ स्थान स्वर्ण मंदिर अमृतसर, पटना साहिब बिहार, हुजूर साहेब नांदेड़ महाराष्ट्र, दमदमा साहिब भटिंडा, आनंदपुर साहिब पंजाब हैं। इन सभी स्थानों पर स्वर्ण स्याही से हस्तलिखित गुरुग्रंथ साहिब है। ऐसा ही छठवां स्वर्ण स्याही से हस्तलिखित गुरुग्रंथ साहिब यहां पर होना बहुत विशेष बात है। ऐसा बताया जाता है कि 1973 में यहां विशाल बाढ़ आई थी। तब नर्मदा तट के पास मंगलवारा इलाके में बाढ़ के पानी में एक मकान से निकलकर तैरता हुआ लकड़ी का बॉक्स मिला था। उस बॉक्स के अंदर यह गुरुग्रंथ साहिब मिला था। तब से यहां के सिख परिवार द्वारा गुरुग्रन्थ साहिब को संभालकर रखा है।
गुरूद्वारे में गुरु नानक देव जी का मनाया जा रहा है 556 वां प्रकाश पर्व
प्राचीन गुरुद्वारा मंगलवारा घाट पर गुरु नानक देव जी का 556 वां प्रकाश पर्ब मनाया जा रहा है। इस अवसर पर नगर कीर्तन निकाला गया जिसमें नगर के सभी समाज के वर्गों में बढ़कर हिस्सा लिया। समाज के अर्कजीत सिंह चड्ढा ने बाताया की ऐतिहासिक मंगलवारा घाट गुरुद्वारा गुरुनानक देव जी का प्रकाश पर्व भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर गुरुद्वारे में 22 अक्टूबर 25 अक्टूबर तक लगातार प्रभात फेरियाँ निकली जा रही थी। नगर कीर्तन के रूप मे सभी जनमानस को आशीर्वाद देने के लिए श्री गुरू ग्रंथ साहेब जी के साथ समस्त संगत निकली। 5 नवम्बर 25 को मुख्य कार्यक्रम है। गुरुद्वारे में कीर्तन होगा और उसके बाद समाज के बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ गुरु का लंगर भी चलता रहेगा। अर्कजीत सिंह चड्ढा ने बताया कि 5 नवम्बर को रात का भी दीवान भी सजेगा जो रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगा। इस अवसर पर सभी सँगतजी से आग्रह किया जा रहा है कि सभी कार्यक्रम में अपनी हाजरी देकर गुरु घर की खुशियां आशीर्वाद प्राप्त करें।






