आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन से बेदखल किया गया तो होगा आन्दोलन
सीहोर। आदिवासी कांग्रेस प्रदेश महासचिव सुमित नर्रे ने बयान जारी कर बताया कि आदिवासी जो जंगल में रहें और जंगल की खातिर अपने प्राणों तक न्यौच्छावर करने में पीछे नहीं हटे। आदिवासियों को खेती कर भरण पौषण के लिये पूर्व में सरकार द्वारा दिये गये पट्टों को बुधनी, खातेगांव व रायसेन क्षेत्र में आदिवासी परिवारों को वनाधिकार पट्टों और जमीन कब्जे को लेकर नोटिस मिलने के मामले ने राजनीतिक गरमा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिला एवं लोकसभा क्षेत्र में हो रही इस तरह की कार्यवाही पर सुमित नर्रे ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर तत्काल रोक लगाई जावे। सरकार आदिवासियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है। जैसे आदिवासी इस देश और बुधनी विधानसभा व श्री चौहान के संसदीय क्षेत्र के है ही नहीं।
सुमित नर्रे ने मांग की है कि बुदनी क्षेत्र में हाल ही में एक आदिवासी परिवार का वर्षों पुराना कब्जा हटाया गया और परिवार की बच्चियों तक को जेल भेजने की नौबत आन पड़ी। ऐसी ही घटना अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रही है। सरकार द्वारा आदिवासियों को जल, जंगल जमीन से बेदखल करने का जो फरमान जारी किया गया है, उसे शीघ्र ही निरस्त कर आदिवासियों को न्याय दिलाया जावे। यदि आदिवासियों को उनकी भूमि से बेदखल करने की कार्यवाहियां नहीं रुकीं तो आगामी दिनों में आंदोलन किया जावेगा, जिसकी जवाबदारी सरकार व वनविभाग की होगी।








