नहाय खाय से शुरू होगा छट पूजन का शुभारंभ

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पहले सूर्यास्त और दूसरे दिन सूर्यादय को दिया जाएगा अर्घ

नर्मदापुरम। इटारसी। सूर्योपासना का विशेष पर्व छट पूजन बिहार व उप्र की तरह नर्मदांचल में भी मनाया जाने लगा है। कुछ वर्षों से सूर्य सष्टी पूजन के पर्व छट पूजन का महत्व नर्मदापुरम में भी बढ़ता जा रहा है। मां नर्मदा के तट पर सूर्य सष्टी का आयोजन शुरू होगा। जिसके तहत एक दिन सूर्यास्त् की और दूसरे दिन सूर्यादय से पूर्व की पूजन विधि विधान से की जाती है। बिहार क्षेत्र के लोगों का मुख्य पर्व भक्ति भाव से मनाया जा रहा है। इस मौके पर सुबह और शाम को बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष कर महिलाएं उत्साह के साथ उपस्थित होती हैं। उनके परिजन भी शामिल होते हैं। पूजन से न चूकें इसलिए दोनों दिन समय से पूर्व उपस्थित हो जाते हैं इसलिए सूर्यास्त होने से पूर्व तथा दूसरे दिन सूर्यादय से पूर्व नर्मदा तट के सेठानी घाट व अन्य घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

रसूलिया क्षेत्र के पवन कुमार ने बताया कि हर वर्ष की तरह छट पूजन का आयोजन नहाय खाय से शुरू होगा। इस मौके पर महिलाएं गुड़ और अदरक खाकर व्रत धारण करती हैं। सूर्य देव के उदय होने के पूर्व ही अनेक श्रद्धालु महिलाएं मां नर्मदा के तट सेठानी घाट पर सपरिवार उपिस्थत होकर सूर्यदेव की पूजन अनेक तरह की सामग्रियों से करती हैं। वे व्रत रखते हुए सूर्यदेव की पूजन करती हैं। नर्मदा की जलधारा में खडे रहती हेैं। षष्टी के बाद सूर्य की पहली किरण के उदय होते ही अर्घ दिया जाता है। इसी के साथ सूर्य देव की पूजन की जाती है। इस पूजन को देखने के लिए शहरवासियों का तांता लगा रहता है। सूर्य सष्टी की पूजन के लिए नर्मदा तट पर एक विशेष छटा बन जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु सपरिवार आते हैं। बताया गया कि चतुर्थी से व्रतारंभ हाेता है। इस पर्व को लेकर कई लोग अपने प्रदेश चले जाते हैं। कुछ लोग जो नौकरीपेशा वाले हैं वे यहां पर ही पूजन अर्चन करते हेैं। अब इस व्रत को करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। क्योंकि जिले में इटारसी की आर्डीनेंस फेक्ट्री, नर्मदापुरम के एसपीएम के साथ ही बुदनी की फेक्ट्री में भी बिहार व उप्र के अनेक जिलों के लोग रहने लगे हैं। जो अपने प्रांत में मनाए जाने वाले पर्व को उसी उत्साह से मनाते हैं। इस कारण भी नर्मदा तट पर व्रत धारी श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती है।

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