मौसम परिवर्तन के चलते मौसमी बीमारी का होने लगा असर
नर्मदापुरम। शरद पूर्णिमा से रात में गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। इस वर्ष ज्यादा बारिश होने के बाद भी गर्मी का असर तेज बना रहा है। अब जरूर शाम होते ही ठंडी हवाएं चलने लगी है। रात में हल्की ठंड का असर होेने लगा है। इस बार लगातार बरिश होने के बाद गर्मी बनी रही। पहले दीपावली के समय से सर्दी शुरू होती थी। शरद पूर्णिमा के बाद से सर्दी का मौसम शुरू होने लगता था लेकिन अभी तो कम ही सर्दी है। हाॅलाकि इस ठंड का असर अभी सुबह आैर रात्रि में ही हो रहा है। दिन में तेज धूप व गर्मी बनी हुई है। इस बदलते मौसम का असर छोटे बच्चों में खांसी और जुमाम के रूप में देखा जा रहा है। वहीं बुजुर्ग भी बीमार हो रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम हवाओं का असर है। अभी कुछ ही दिनों में और मौसम ठंडा होगा। लगातार बारिश के कारण भी इस बार ठंड का असर तेज रहेगा। उनका कहना है कि अभी एक बार मौसम साफ होने के बाद एक पखवाडे बाद ठंड का असर और तेज हो सकेगा। अभी तो कभी ठंड कभी गर्मी का मौसम बना रहेगा। वहीं डाक्टर अतुल सेठा का कहना है कि इस मौसम के बदलाव के दौरान बच्चों में मौसमी बुखार के साथ ही शर्दी का असर बड़ता है। इस कारण छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होने बताया कि कभी ठंड कभी गर्मी के कारण शारीरिक तापमान में तालमेल में एक दो सप्ताह लग जाते हैं। युवा वर्ग तो मौसम को सहन कर लेते हैं लेकिन बच्चे और खासकर वृद्धजन इस माैसम में बीमार होने लगते हैं। वायरल के चलते खांसी का असर तेज होने लगता है।
फसल के लिए लाभ दायक
किसानों से चर्चा करने पर यह बात सामने आ रही है कि दिन में तापमान बड़ने तथा रात में कम हो जाने से खरीफ की कटने वाली फसल और रबी के मौसम में बोई जाने वाली फसल के लिए यह मौसम फायदा कारक है। क्योंकि जो फसल पक गई है। वह और पक जाए। वहीं जो फसल तैयार होगी है उसके लिए नमी की पूर्ति हो सके।






