चौमासे में सजा हुआ है दादा धूनीवाले का दरबार, मां जगदंबा की प्रतिमा विराजमान होंगी, 151 अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएंगी
151 विद्वान ब्राह्मण करेंग अंखड दुर्गा पाठ, 151 प्रकार की जड़ी बूटियों और 151 पीपा घी से होगा हवन
बलराम शर्मा
नर्मदापुरम। नर्मदा के अनन्य भक्त आजीवन परिक्रमावासी दादा शिवानंद के द्वारा मां नर्मदा और धूनी वाले दादा की असीम कृपा से नर्मदा नगरी में पहली बार चातुर्मास किया जा रहा है। इस दौरान पूर्व में 51 दिनों तक दिव्य महाअनुष्ठान महायज्ञ हो चुका है। नगर के हैप्पी मैरिज गार्डन में दादा धूनी वाले का दरबार सजा हुआ है। गुरूपूर्णिमा से महोत्सव का शुभारंभ हुआ है। 10 जुलाई से 29 अगस्त तक इस अनुष्ठान में 5100 नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं 11000 रूद्राक्ष का महाभिषेक, बाल भोग प्रसादी, दादा जी के भक्तों का भंडारा, रूद्री महायज्ञ, भोलेनाथ का रूद्री महायज्ञ, 1000 नामों से शिवजी का अर्चन, भगवान सत्यनारायण की कथा, 11000 दीपों से दादा जी की महाआरती, विशाल धूने में फल, मिष्ठान, वस्त्र और स्वर्ण सामग्रियों से हवन हुआ है।
गुरुपूर्णिमा महोत्सव आयोजन के बाद अब शारदीय नवरात्रि में मातारानी मां जगदंबा का अखंड पाठ व हवन कल नवरात्र से शुरू होंगे। शिवानंद महाराज का कहना है कि 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक दादा धूनी वाले दरबार में मां जगदंबा की प्रतिमा विराजमान होंगी। 151 अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित की जाएंगी। 151 विद्वान ब्राह्मणों के द्वारा दुर्गा सप्तसती के अखंड पाठ व अखंड महाहवन जारी रहेंगे। इस दौरान हवन कुंड में 151 प्रकार की जड़ी बूटियों की आहूतियां छोड़ी जाएंगी। दुर्गा सप्तसती के पाठ के दौरान 151 पीपा शुद्ध घी और भीमसैनी कपूर की आहूतियां भी छोड़ी जाएंगी। श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक भंडारा प्रसादी मिलेगी। सलकनपुर देवी धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी प्रसादी दी जाएगी। शिवानंद महाराज प्रतिदिन आरती व हवन कर रहे हैं। धूनीमाई में प्रतिदिन गाय का शुद्ध घी विभिन्न फल, जड़ी बूटियों की सामग्री व सूखे मेवे अर्पित किए जा रहे हैं। दोनों समय श्रद्धालु दादा दरबार में आरती व हवन में पहुंचते हैं।
गाय के दूध से अभिषेक होगा
नवरात्र के दौरान प्रतिदिन 108 लीटर दूध से मां नर्मदा का अभिषेक होगा। दुर्गा अष्टमी पर दरबार में विशेष हवन होगा। इसमें 1008 साड़ियों व विभिन्न श्रृंगार सामग्री से जगदंबा माई का हवन होगा। प्रतिदिन फलों से मां दुर्गा का अर्चन होगा। दादा दरबार में आयोजित अखंड हवन व दुर्गा सप्तसती के पाठ में शहर व गांव का कोई भी व्यक्ति दादा शिवानंद से अनुमति लेकर हवन में आहूति दे सकेंगे। पूजन में शामिल भी हो सकते हैं।







