उक्त उद्गार शिक्षक दिवस पर पाणिनि ज्ञानपीठ सीनियर सेकंडरी स्कूल, सांगाखेड़ा कलां में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे आचार्य गोपाल प्रसाद जी खड्डर ने व्यक्त किए. अपने सारगर्भित उद्बोधन में उन्होने शिक्षक को एक सजग राष्ट्रप्रहरी के रूप में निरूपित किया। विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीमति संजू शर्मा, प्राचार्य शा. हाई स्कूल बज्जरवाड़ा ने अपने भाषण में शिक्षक को विद्यार्थी के जीवन चरित्र को गढ़ने वाला बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना से हुआ। कक्षा 9 वीं तथा 10वीं के विद्यार्थियों ने अत्यन्त मधुर वंदना से वातावरण आध्यात्मिक दर्शन से ओतप्रोत कर दिया। तत्पश्चात स्वागत परंपरानुसार अतिथियों का वंदन, अभिनंदन संपन्न हुआ। झूमकर हम गा रहे हैं आज स्वागत गान – गीत से मानों मेघ भी झूमकर गीत गायन कर रहे थे। तत्पश्चात गरिमा सैनी और साथी विद्यार्थियों ने अपने गुरूजनों के चरणों में गीत ” तुम्हीं हो माता ,पिता तुम्हीं हो” रूपी पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम के अगले चरण में शिक्षक वृंद सम्मान संपन्न हुआ। भाषण प्रस्तुतीकरण कु. दिव्या राजपूत, रिया सैनी; कविता पाठ कु. शिवांगी गोस्वामी द्वारा किया गया। शिक्षकों की ओर से श्री जनार्दन दीक्षित, रश्मि यादव, रेणुका पांडे,वंदना मीना ने अपने उद्गार व्यक्त किए। मंच संचालन छात्रा शिवांगी गोस्वामी तथा निहारिका तिवारी ने किया। आभार प्रदर्शन विद्यालय संचालक सुश्री प्रतीक्षा पांडे ने किया।






