मतदाता अधिकार यात्रा: राहुल का आरोप, पीएम और भाजपा मिलकर नष्ट करना चाहते हैं लोकतंत्र

Join Us

भागलपुर(ए.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही मतदाता अधिकार यात्रा ने बिहार में विशाल जनसैलाब का रूप ले लिया है। यात्रा के छठे दिन भागलपुर के नाथनगर में लाखों की भीड़ उमड़ी और लोगों ने ज़ोरदार नारे लगाए-वोट चोर, गद्दी छोड़। भीड़ ने यह नारे मध्यप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में हुए कथित वोटर फ्रॉड के संदर्भ में लगाए। राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी मिलकर लोकतंत्र और संविधान को नष्ट करने तथा जनता का वोट चुराने की साजिश कर रहे हैं।
सभा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व अग्निवीर अमरनाथ जायसवाल को मंच पर बुलाया। जायसवाल सेना में ड्यूटी के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी एक उंगली चली गई। बावजूद इसके उन्हें मात्र दो साल की सेवा के बाद सेना से बाहर कर दिया गया और किसी प्रकार का लाभ नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं के लिए रोजग़ार और अवसरों के सारे दरवाज़े बंद कर दिए हैं। अग्निवीर योजना सबसे ग़लत निर्णय था। अमरनाथ जायसवाल जैसे युवा, जो शारीरिक रूप से घायल हो गए, उन्हें भी कोई लाभ नहीं मिला। सरकार ने उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी सरकार ने सिर्फ़ अग्निवीर योजना ही नहीं लाई, बल्कि नोटबंदी के ज़रिए छोटे और मझोले कारोबारों को भी तबाह कर दिया, जिससे बेरोजग़ारी बढ़ी। अब, उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी संविधान को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने हर नागरिक को एक व्यक्ति, एक वोट का अधिकार दिया है। उन्होंने बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार और चुनाव आयोग मिलकर कांग्रेस और राजद समर्थकों के वोट काट रहे हैं। राहुल ने एक कांग्रेस समर्थक का उदाहरण भी दिया जिसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे के दौरान वोट पुनरीक्षण पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में हुए वोटर फ्रॉड पर चुप क्यों हैं? राहुल ने कहा, सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री, चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर आपके वोट छीनना चाहते हैं और लोकतंत्र को खत्म करने पर तुले हैं। भागलपुर में भीड़ का आलम ये था की चारों तरफ़ की सडक़ो पर अपार भीड़ दिख रही थी।

Previous articleउपराष्ट्रपति का चुनाव कोई लड़ाई नहीं, बल्कि दो विचारधारा का टकराव : सुदर्शन रेड्डी
Next articleलोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच खिचीं सियासी तलवारें