उपराष्ट्रपति का चुनाव कोई लड़ाई नहीं, बल्कि दो विचारधारा का टकराव : सुदर्शन रेड्डी

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 एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से कोई मतभेद नहीं
नई दिल्ली (ए)। इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के दावेदार बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव कोई लड़ाई नहीं, बल्कि दो विचारधारा का टकराव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे इस विचारधारा से असहमत हैं, न कि एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से कोई मतभेद है। इंडिया ब्लॉक के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रेड्डी ने कहा कि यह कोई लड़ाई नहीं, बल्कि विचारों का टकराव है…दूसरा पक्ष यह प्रचार कर रहा था कि यहाँ एक व्यक्ति है जो जीवन भर आरएसएस का पूर्ण सदस्य रहा है, इसलिए मैं उस विचारधारा से असहमत हूँ, राधाकृष्णन जी से नहीं।
रेड्डी ने कहा कि एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन से उनका कोई निजी विरोध नहीं है। हम एक-दूसरे से कभी मिले भी नहीं हैं। इसलिए मैं दिल से चाहता था कि यह एक सभ्य मुकाबला हो, व्यक्तियों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच। रेड्डी ने वैचारिक मतभेदों को उजागर कर कहा कि मुझे किसी विचारधारा को पसंद या नापसंद करने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन जिस तरह से यह (आरएसएस) काम करता है, उससे मेरे गंभीर मतभेद हैं, क्योंकि मैं एक उदार संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यक्ति हूँ। मैं धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और बाबासाहेब की बंधुत्व की विचारधारा में विश्वास करता हूँ।बातें कि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। राकांपा (एससीपी) प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव, द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत और गठबंधन के कई अन्य नेता भी मौजूद थे।

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