स्‍वामित्‍व योजना के तहत हितग्रहियों को पट्टों का वितरण सुनिश्चित किया जाए : कलेक्‍टर सोनिया मीना

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कायम मार्ग के विरुद्ध राजस्‍व वसूली की कार्यवाही प्राथमिकता से की जाए,

नजूल लीज नवीनीकरण एवं सीएम हैल्‍पलाइन के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करें राजस्‍व अधिकारी

राजस्‍व अधिकारियों की समीक्षा बैठक संपन्‍न

नर्मदापुरम/ गुरुवार को आयोजित राजस्व अधिकारियों की आरओ बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग से संबंधित अभियानों, स्वामित्व योजना, फार्मर रजिस्ट्री, पीएम किसान ई केवाईसी, दांडिक प्रकरण, सीएम हेल्पलाइन, नजूल लीज नवीनीकरण, भू अर्जन तथा अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा की।

कलेक्टर ने स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए समस्त राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रथम प्रकाशन वाले प्रकरणों में किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर जियोटैगिंग के उपरांत उन्हें आगामी कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने एसएलआर को विशेष रूप से ऐसे प्रकरणों में राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एसडीएम प्रथम प्रकाशन उपरांत लंबित पड़े प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करें और उन्हें द्वितीय प्रकाशन की कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाएं। साथ ही उन्होंने एसडीएम न्यायालय में लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन मामलों में री-ड्रोन फ्लाई आवश्यक है, उनके लिए एसओआई को पत्र लिखकर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को पट्टों का वितरण प्राथमिकता से किया जाए। जिन प्रकरणों में अंतिम प्रकाशन के पश्चात पट्टे तैयार नहीं किए गए हैं, उनमें त्वरित रूप से पट्टे तैयार कर पात्र हितग्राहियों को वितरित किए जाएं। कलेक्टर ने आरओ बैठक में फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान बताया गया कि पूर्व में प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप 97.8% पीएम किसान हितग्राहियों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो चुकी है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शेष बचे प्रकरणों की शीघ्र जांच कर शत-प्रतिशत डिस्पोजल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नॉन पीएम किसान हितग्राहियों की फार्मर रजिस्ट्री पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को नॉन-अप्रूव्ड प्रकरणों की समीक्षा कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानांतरित हो चुके हितग्राहियों से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। इसी प्रकार मृत हो चुके हितग्राहियों के मामलों में फौती नामांतरण दर्ज कर शीघ्र रजिस्ट्रेशन पूर्ण किया जाए।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सर्वेयर्स का उन्मुखीकरण किया जाए तथा फार्मर रजिस्ट्री के नवीन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए उनकी बैठक आयोजित कर योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु कार्योन्मुख बनाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि पीएम/सीएम किसान सम्मान निधि योजना शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं हैं, अतः इनके सफल क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना की जाए। उन्होंने आधार सीडिंग में बॉटम तहसीलों के राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधार सीडिंग, सेल्फ रजिस्ट्रेशन एवं पीएम किसान ई-केवाईसी की प्रगति में तेजी लाएं।

कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग एवं उद्यानिकी विभाग की संयुक्त टीम बनाकर उद्यानिकी फसलों की गिरदावरी शीघ्र कराई जाए, विशेष रूप से श्री अन्न की गिरदावरी को प्राथमिकता दी जाए।राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने तहसीलवार कायम की गई मांग एवं अब तक हुई वसूली का आकलन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता से राजस्व वसूली में बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा कि कमर्शियल प्रतिष्ठानों, पटवारी रिपोर्ट, लीज, नजूल आदि का समुचित आकलन कर मांग बढ़ाई जाए और बकाया वसूली को समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को निर्देश दिए कि राजस्व अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट एवं ट्रेजरी से प्राप्त वसूली रिपोर्ट का आपस में मिलान किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या चूक की संभावना न रहे।

कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए एसडीएम सिवनी मालवा को ग्रेडिंग में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग से संबंधित सबसे पुरानी शिकायतों का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जाए। साथ ही पीएम किसान से संबंधित शिकायतों का भी गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कोई भी प्रकरण समय-सीमा से बाहर नहीं होना चाहिए, इसकी जिम्मेदारी सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सुनिश्चित करें। उन्होंने अपर कलेक्टर को नजूल नवीनीकरण के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा सभी एसडीएम को नजूल पट्टों के अभिलेख व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। बैठक में भू-अर्जन एवं वन व्यवस्थापन के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को धारा 19 एवं 11 की कार्यवाहियों में तेजी लाने के निर्देश दिए। राहत प्रकरणों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा सर्वे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

कलेक्टर ने समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को अपने क्षेत्र में खाद वितरण पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश अनुसार सहकारी समितियों एवं गोदामों के माध्यम से ही खाद वितरण करवाया जाए। नकली एवं अमानक खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम खाद वितरण केंद्रों का औचक निरीक्षण करें और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से नियमित बैठक भी आयोजित करें। आगामी त्योहारों एवं पर्वों के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी कलेक्टर ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग अनुमत मापदंडों के अनुसार ही हो।

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