वास्तविक विकासकार्यों को लेकर बहुत उम्मीद लगाए हुए हैं नर्मदापुरमवासी
नर्मदापुरम। संभाग मुख्यालय की नगर पालिका अध्यक्ष पद की शपथ लिए नीतू यादव को आज तीन साल पूरे हो जाएंगे। शहर में कितना विकास हुआ यह सभी शहरवासियों के सामने है। बचे हुए दो वर्ष के कार्यकाल में शहरवासियों को उनसे बहुत उम्मीद है। पढ़ी लिखी भी हैं। दोबारा अध्यक्ष पद मिलने के चांस मिलना बहुत कठिन होता है। फिर शहरवासियों को संतुष्ठ करना और भी कठिन होता है। 1095 दिन के अनुभव से उन्हें यह तो ज्ञात हो ही गया होगा कि राजनीति की डगर कितनी कठिन और कितनी मुश्किल भरी होती है। विधायक प्रतिनिधि के रूप में उनके पतिदेव पूर्व में पार्षद रहे हैं। जो उनके कदम कदम पर साथ हैं। उनके अनुभव का लाभ उन्हें पूरा मिल रहा है।
बीते वर्ष तेज होने लगी थी अविस्वास प्रस्ताव की प्रतिक्रियाएं
दो वर्ष पूरे होते ही नगर में नगर पालिका अध्यक्ष पद के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज होने लगी थी। दो दर्जन में एक दो कम पार्षदों के द्वारा गुस्सा जाहिर होने लगा था। कलेक्टर को लिखित शिकायत भी होने लगी थी। शहर के नागरिकों में भी जमकर सुगबुगाहट होने लगी थी। वह तो प्रदेश सरकार ने केबिनेट में आनन फानन में निर्णय लेकर तीन वर्ष के कार्यकाल से पूर्व अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता यह प्रस्ताव पास करके प्रदेश की कई नगर पालिकाओं को अभय दान दे दिया था।
कुछ आवश्यक सवाल
क्या शहर में अमृत योजना जरूरी है?
क्या शहर की सड़कों की हालत ठीक है?
क्या नपा में ठेकेदारी करने वाले अनुभवी हैं?
क्या नपा में कमिशनखोरी बंद हो गई है?
क्या शहर के पार्कों की हालत ठीक है?
और भी कई प्रश्न हैं।
पहले पार्षद नाराज थे अब शायद नहीं हैं
देखा जाए तो एक वर्ष पूर्व अनेक पार्षद नाराज थे एक वर्ष में ना जाने क्या जादू हुआ कि जो नाराज थे अब शायद वे नाराज नहीं हैं। बजह जो भी हो।






