वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की नागरिकता रद्द कराने वाले एडवोकेट अशोक पाण्डे को छ: साल की जैल की सजा

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तीन साल की प्रक्टिस पर रोक एक लाख का लगाया जुर्माना
शर्ट की बटन खोलकर जाते थे कोर्ट रूम
कांग्रेस नेता नरेन्द्र खंगराले ने सुप्रिम कोर्ट के निर्णय का किया स्वागत
सीहोर। हाल ही में वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोक सभा रद्द के प्रकरण में बाहली मिलने पर ईलाहबाद हाई कोर्ट में एडवोकेट अशोक पाण्डे द्वारा श्री गांधी की नागरिकता रद्द करने को लेकर याचिका  दायर की गई थी। जिसे लेकर ईलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा श्री पाण्डे पर छ: साल जेल की सजा तथा तीन साल की प्रक्टिस पर रोक लगा दी गई एवं एक लाख रूपये का जुर्माना भी कर दिया गया। अपने आकाँओं की चापलुसी के चक्कर में जेल के साथ-साथ वकालत से भी हाथ धोना पड़ा। जिसे लेकर पाण्डे द्वारा सुप्रिम कोर्ट में चुनोती दी थी। उन्होने सुप्रिम कोर्ट से एक लाख रूपये जुर्माने को वापस लेने की याचिका दायर की थी, जिसे लेकर सुप्रिम कोर्ट ने सिर्फ याचिका ही खारिज नही कि बल्कि पाण्डे को कड़ी फटकार भी लगा दी। ज्ञातव्य है कि एडवोकेट पाण्डे ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता की बाहिली की चुनोती देने वाली याचिका दायर की थी। कोर्ट द्वारा अपनी दलील में बताया कि ऐसी याचिकाऐं सिर्फ कोर्ट का समय  बर्वाद करती है और पाण्डे वकील की याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद वकील ने कोर्ट में बहस जारी रखी इस पर सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बी.आर.गवई और के.व्ही.विश्वनाथन की खण्डपीठ में मार्शल बुलाने तक की बात पहुंच गई थी। सुप्रिम कोर्ट के इस निर्णय का सेवादल कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेन्द्र खंगराले सहित कांग्रेसजनों ने स्वागत किया है।

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