सीहोर। ग्राम बुराड़ा में किसान संगोष्ठी का आयोजन शिवशक्ति संस्था द्वारा रखा गया। जिसमें किसानों को बताया गया कि आधुनिक युग में किसान अपनी खेती में खड़ी फसलों में कीटों को नियंत्रित करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए विभिन्न कंपनी की दवाइयां का उपयोग कर रहे है। अगर इस पद्धति को नहीं सुधारा गया तो आने वाले कुछ भूमि बंजर तो होगी ही साथ नागरिकों की सेहत पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा। शिव शक्ति एग्रीटेक लिमिटेड संस्था द्वारा गांव-गांव जाकर किसान संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कृषि अधिकारी विशाल शर्मा ने किसान भाइयों को बताया कि परंपरागत खेती से भटक कर रासायनिक खाद एवं उर्वरक प्रयोग करने से हम हमारी खेती को बंजर तो बना ही रहे हैं साथ हमारी सेहत को भी हानि पहुंचा रहे हैं। आगे जानकारी देते हुए बताया कि जैविक खेती में ही किसान भाइयों का भविष्य सुरक्षित है तथा कम कीमत में जीवाणु भूमि की संरचना को सुधरता है। जैविक खाद एवं दवाईयाँ के प्रयोग से भूमि की उर्वरक शक्ति बढ़ती है । किसान मित्र की कीटों की तरह एवं जीवाणुओं की संख्या बढ़ती है जो की भूमि के लिए अति आवश्यक है। आज के बढ़ते हुए रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के प्रयोग से भूमि की स्थिति खराब होती जा रही है।








