40 लाख से बने सब्जी बाजार के चबूतरे बने हुए हैं अनुपयोगी, शेड के बाहर लगती है दुकानें

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सब्जी वालों से जमा कराए थे 5-5 हजार रुपये, राशि वापस करने की हो रही मांग

रमेश वर्मा के कार्यकाल में हुए बेढंगे कार्यों से परेशान हैं नगरवासी

नर्मदापुरम। काेठी बाजार में करीब 40 लाख से बने सब्जी बाजार के 160 चबूतराें और शेड अनुपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो सका है। इन चबूतरों की जगह सब्जी वालों को 5-5 हजार रुपये की राशि लेकर आवंटित की गई थी। उसके बाद भी पूरा शहर सब्जी बाजार बन जाता है।

नपा के पूर्व बहुचर्चित विवादित, सब इंजीनियर रमेश वर्मा की मनमानी व घोर लापरवाही के कारण तकनीकी रूप से ठीक नहीं बने चबूतरे में शहर के नागरिकों की खून पसीने की कमाई जो टेक्स के रूप में नपा को मिलती है वह बेकार चली गई। उस रमेश वर्मा का कोई बाल बांका नहीं कर पाया। सबके मुंह लगे उस इंजीनियर की यह एक मात्र गल्ती नही थी। उसके समय में करोड़ों रूपये की लागत से बनी पेयजल जलावर्धन योजना, अमृत योजना, गरीबी के आवासों की योजना सहित अनेक कार्य बेढंगे और चर्चित रहे हैं। लेकिन उसमें कुछ बात ऐसी थी कि उसका विरोध करने वाले भी कुछ समय बाद उसके सामने दुम हिलाते नजर आते थे। लंबे अरसे तक उसकी मर्जी से नगर पालिका चलती रही है। जमकर कमीशन खोरी चलती थी। उसके कारनामों से अनेक पार्षद, ठेकेदार व अनेक जनप्रतिनिध सहित शहर के अनेक लोग खपा रहते थे। लेकिन उसके पास जो जादू था उसकी दम पर लोग दुम हिलाते थे। उसने फिर से घुसपैठ की थी लेकिन नर्मदा जी का उसे आर्शीवाद मिलने की बजाए उसे उसके कारनामे की सजा मिल गई। वह पकड़ाया जो यहां से दो दिन का चार्ज भी चला गया। यह अच्छा ही हुआ नहीं तो दो दिन के बहाने वह सप्ताह भर आना शुरू कर देता और अब तो उसके जलवे हाे जाते क्योंकि नपा में वरिष्ठ इंजीनियरों की कमी बनी हुई है। उसका बेजा फायदा वह उठा लेता। उसके कार्यकाल में अनेक अध्यक्ष बदल गए लेकिन उसमें अध्यक्षों काे पटाने के गट्स ऐसे थे कि सब रमेश वर्मा के बिना नहीं रहते थे।

बेढंगे बने हैं चबूतरे

सब्जी की दुकान इन बेढंगे चबूतरों पर नहीं लगती है। तपती हुई गर्मी हो या वर्षा का मौसम उसके बाद भी दुकानदार अपनी दुकान पालीथीन की छाया करके बाहर लगाते हैंं। दुकानदारों का कहना है कि नपा ने हमसे जो 5-5 हजार रूपये लिए हैं वे वापस किए जाएं या फिर दुकानों के चबूतरों को व्यवस्थित किया जाए जिससे उनकी राशि का सदुपयोग हो ेसके।

ग्रामीण क्षेत्र के सब्जी विक्रेता लगाते हैं नीचे दुकानें

फूलवतीबाई स्कूल के पीछे मैदान में नपा अाधे अधूरे सब्जी बाजार को शिफ्ट कराने में तो कुछ मात्रा में सफल हुई । लेकिन शेड के नीचे चबूतरों पर दुकाने नहीं लगती हैं। तेज वर्षा होने पर सिर्फ रविवार को ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सब्जी विक्रेताओं को जगह नहीं मिलने पर वे शेड के नीचे चबूतरों के पास जमीन पर ही दुकान लगाकर काम चलाते हैं। स्थानीय सब्जी विक्रेता आशेक कुमार, संजू रैकवार, संजय, पन्ना सहित अन्य अनेक दुकानदारों का कहना है कि सब्जी बाजार को या तो सही किया जाए या उनकी जो राशि नपा ने जमा कराई थी वह वापस की जाए।

फल विक्रेता नहीं मानते नगर पालिका की बात

सड़काें और मुख्य चाैक.चाैराहाें से फल विक्रेताओं काे हटाने की मुहिम नपा की ओर से अनेक बार चलाई जा चुकी है। लेकिन मुहिम का असर हाथ ठेला वाले फल विक्रेताओं पर नहीं पड़ रहा है। नपा के कामचलाऊ प्रयास के बाद भी फल बाजार सड़क किनारे से नहीं हट पा रहा है। जिससे लोगों को परेशानी होती है।

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