हर कभी हो रही रही बिजली की आंख मिचौली, स्मार्ट मीटर खाली कर रहे उपभोक्ताओं की जेब
नर्मदापुरम। प्राय: हर दिन बिजली कंपनी के द्वारा उपभोक्ताओं के पास यह मेसेस आता है कि आपके क्षेत्र के विद्युत फीडर में आए फाल्ट को ठीक किया जा रहा है, उस फाल्ट में ही काफी समय हो जाता है। लेकिन कटोती के बाद भी बिल ज्यादा ही आता है। बिना तेज हवा और हल्की बारिश होने पर बार बार बिजली की गड़बडी आम बात हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारी कर्मचारी बिजली की अव्यवस्थाओं को सुधारने में ज्यादा रूच नहीं लेते हैंं। मेंटेंनेंस के नाम पर उनके प्रयास उतने सफल नहीं हो पा रहे हेैं जितनी लोगों को परेशानी हो रही है। दिन में करीब तीन चार बार बिजली की आंख मिचौली होती रहती है। रात में भी बिजली बार बार जा रही है। इस तरह की गड़बड़ी से लेागों के रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बिजली की इस अव्यवस्था के सुधार के प्रति बिजली कंपनी के अधिकारी लापरवाह बने हुए हेैं। इस संबंध में जब बिजली कंपनी के अधिकारियों से चर्चा करने पर उन्होने बताया कि बारिश के दौरान बिजली के तारों में कार्बन जम जाने तथा पेड़ की डाली के कारण भी कुछ परेशानी आती है जिसे तुरंत सुधारा जाता है।
करनी पड़ती है भोपाल शिकायत
बिजली कंपनी के द्वारा जो प्रयोग शिकायत के संबंध में किया जा रहा है उसका परिणाम ठीक नहीं आने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। पहले बिजली की गड़बड़ी हाेने पर बिजली कंपनी के कार्यालय में शिकायत दर्ज हो जाती थी। अब भेापाल में शिकायत दर्ज करने का प्रयोग किया गया। जो पूरी तरह सफल नहीं है। यह एक तरफा प्रयोग है। इसमें बिजली कंपनी के अधिकारियों से बात नहीं की जाती है। सिर्फ मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराओ।
बिल कर रहे जेब खाली
बिजली कंपनी के द्वारा कुछ समय पूर्व ही मीटर बदले गए थे। अब अधिकांश उपभोक्ताओं के उस मीटर को भी बदला गया है जिसमें कुछ हद तक रीडिंग सहीं आ रही थी। लेकिन अब तो स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं के जेब हल्के किए जा रहे हैं। पूर्व की तुलना में दो गुना तथा तीन चार गुना बिल आने से उपभोक्ता खासे परेशान हैं। मीटर बदलने की बात करने पर यह कहा जा रहा है कि मीटर ठीक है अब बदलोगे तो नए मीटर के लिए चार हजार रूपये देने होंगे। कुल मिलाकर उपभोक्ताओं को लूटने की मशीन लगा कर बिजली कंपनी अपने आप को सही मान ही है।







