पीडि़त कृषक को नही मिल रहा न्याय
सीहोर। सीहोर जिला मुख्यालय के ग्राम बिजलोन के कृषक जगदीश शर्मा पिता नन्नुलाल शर्मा जो कि कलेक्ट्रेट सहित सभी प्रशासनिक कार्यालयों चक्कर काटने को विवश है। कृषक ने आवेदन में बताया है कि उसके स्वर्गीय दादाजी रूगनाथ पिता दयाचन्द शर्मा के नाम से 137 एकड़ कृषि भूमि ग्राम बिजलोन में थी। रूगनाथ के 4 पुत्र गोविन्दराम, मूलचंद, खुशीलाल एवं नन्नुलाल के हिस्से में 68.50 एकड़ भूमि बराबर हिस्से में आई थी। आवेदक जगदीश शर्मा तीन भाई होने से प्रत्येक के हिस्से में 22.84 एकड़ भूमि आई। जिस पर आवेदक कृषक काबिज होकर फसल उगाता व काटता चला हा रहा है। लेकिन वर्तमान में जगदीश शर्मा के पास मात्र 4 एकड़ 90 डेसिमल भूमि बची है, शेष 17.94 भूमि के सम्बंध वास्तविक स्थिति यह है कि पटवारी ने फर्जी तरिके से संशोधन पंजी पर दर्ज कर 17.94 एकड़ भूमि अन्य किसी के नाम बिना विक्रय पत्र के कर दी गई है। जिस पर आवेदक कृषक ने कार्यालय कमिश्नर भोपाल संभाग भोपाल में अपील क्रं. 1097/अपील/2024-25 पर स्थगन ओदश क्रमांक 4153/353/ शिकायत शाखा/ सीहोर 2025, भोपाल दिनांक 18/06/2025 के तहत माननीय भोपाल संभाग भोपाल के न्यायालय में जगदीश शर्मा के पक्ष में स्थगन आदेश फसल कटने के लगभग एक माह पूर्व जारी किये जाने के उपरांत भी अनोवदकगणों द्वारा वर्ष 2024-25 में रातो-रात फसल काट ले गये। कृषक जगदीश शर्मा का कहना है कि स्थगन आदेश का उलंघन करने में नायब तहसीलदार सीहोर की सांठ गांठ स्पष्ट प्रतीत होती है। स्टे आदेश का पालन कराने में तहसीलदार महोदय द्वारा भू-स्वामी के पक्ष आवश्यक कार्यवाही नही कर भू-स्वामी को क्षति पहुंचाने का भरसक प्रयास नायब तहसीलदार द्वारा किया जा चुका है। जिसके कारण पीडि़त कृषक की भूखे मरने की नौवत आ गई है।








