मलेरिया माह समाप्त हुआ लेकिन डेंगू से रहना होगा सावधान

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लगातार बारिश से बढ़ रही मच्छरों की तादात

नर्मदापुरम। मानसूनी बारिश के बाद जिस प्रकार की गर्मी शुरू हुई है। इससे डेंगू रोग के पनपने का खतरा बड़ रहा है। जून समाप्त होते ही मलेरिया माह का समापन हो गया है। लेकिन डेंगू की शुरूआत हो गई है। डेंगू का मच्छर मलेरिया से ज्यादा खतरनाक होता है। डेंगू की रोकथाम के इंतजाम स्वयं करना होगा। इसके लिए मच्छर की पैदावार को रोकना है। डेंगू से निपटने के लिए सचेेत रहना होगा। जिम्मेदारों ने अभी इसको लेकर सोचना भी शुरू नहीं किया है। अब जब बीमारी जोर मारने लगेगी और डेंगू का डंक मासूमों तक पहुंचेगा तब तक देर हो जाती है। आमतौर पर बारिश थमने के बाद ही डेंगू की दस्तक होती है। मानसून आ गया है। ऐसे में डेंगू का खतरा जुलाई से ही शुरू हो जाता है। पूर्व में डेंगू की दस्तक अगस्त में हुई थी। जिसकी वजह से जिम्मेदार अभी इसके लिए तैयारी नहीं कर रहे हैं।

अस्पताल में बनाना पड़ा था वार्ड

पूर्व में जब डेंगू के मरीज सामने आने लगे थे तब अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए प्राथमिकी देने के लिए वार्ड बनाया गया था। अस्पताल में मच्छर जनित बीमारियों से मुकाबला करने के लिए कोई तैयारी नहीं है।

डेंगू से बचाव के उपाय

-साफ पानी में पनपता है डेंगू का मच्छर।

-डेंगू बुखार एडिज एजिप्टाइज मच्छर के काटने से होता है।

-साफ पानी में ही अंडे देता है यह मच्छर।

– घर या ऑफिस में लगे कूलर, गमले, ओवर हेड टैंक, टायर या फिर हौदियों में रुके पानी में इसके अंडे मिलते हैं।

-दिन में ही काटता है डेंगू का यह मच्छर।

– डेंगू से पीड़ित मरीज को बगैर मच्छरदानी के न रहने दें।

मच्छर तो सातवी मंजिल पर भी पनप जाते हैं। इसलिए मच्छर से बचाव करना जरूरी है। मलेरिया माह के बाद डेंगू का असर बढ़ता है। इसके लिए सावधानी ही सबसे अच्छा उपाय है। मच्छर से बचाव करना चाहिए।

डॉ एके श्रीवास्तव जिला मलेरिया अधिकारी

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