धूमधाम से शुरू हुआ रथयात्रा महोत्सव, भक्तों ने की पूजा अर्चना
नर्मदापुरम। नर्मदा नगरी में रथयात्रा महोत्सव भक्ति भाव से शुरू हो गया है। भगवान जगन्नाथ स्वामी, बढ़े भ्राता बलराम जी, बहन सुभद्रा जी की रथयात्रा जगदीश मंदिर से जयकारे आैर धूमधाम के साथ शुरू हुई। पूरे विधि विधान से गादी घर से भगवान को रथारूढ़ कराने के बाद पूजन अर्चन और विशेष श्रृंगार किया गया। पूजन आचार्य पं नीरजेश त्रिपाठी ने कराई। रथ में सवार भगवान की श्रद्धालुओं ने पूजन अर्चन और आरती की उसके बाद भव्य रथ नगर भ्रमण पर है। रथयात्रा में शामिल होने के लिए देश के अनेक प्रांतों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से साधु, संत, महंत, पंडित, पुजारी, राम सखी, विप्र समुदाय के अलावा आसपास के हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में शामिल हुए। रथयात्रा को शहरवासी महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। दूसरे दिन रथयात्रा जनकपुरी से ग्वालटोली के लिए रवाना होगी।
फूलों की वर्षा कर जगह जगह उतारी जा रही आरती
जैसे ही भगवान का रथ आगे बढ़ रहा है। लोग फूलों की वर्षा कर रहे हैं। वहीं कई श्रद्धालु अपने अपने घर के सामने आरती की थाल लिए भगवान के आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पूरे परिवार के साथ पूजन अर्चन कर आरती उतारी जा रही है। अनेक परिवार में लोग अपने नवजात बच्चों को भी भगवान के दर्शन कराने के लिए उमड़ रहे हैं।
रामसखी कर रहीं हैं नृत्य
रथ के साथ साथ साधु संत हाथ में ध्वज पताका लिए चल रहे हैंं तो अयोध्या सहित अन्य स्थानों से आई रामसखी उत्साह के साथ नृत्य करते हुए चल रही हैं। वहीं अखाडे के लोग प्रदर्शन करते हुए चल रहे हैं। सैनी होटल के रमेश सैनी के द्वारा स्टील की बनेटी आकर्षक तरीके से घुमाई जा रही है। मंदिर में घोड़ों का नृत्य भी हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ के साथ साथ शामिल हो रहे हैं। रथ आने से पूर्व ही जिस रास्ते से रथ आने वाला है वहां पर पहले से ही सैंकडों की संख्या में लोग प्रतीक्षा कर रहे हैं।
विभिन्न प्रांतों से आए साधु संत
रथयात्रा में शामिल होने के लिए विभिन्न प्रांतों और प्रदेश के अनेक जिलों से साधु संत महंत आए हुए हैं। मंदिर के महंत नारायण दास ने बताया कि देश के विभिन्न स्थानों से साधु संतों और श्रद्धालुओं का आगमन हुआ है। जिनके लिए जगदीश मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया।
27 दिन बाद सिंहासन पर पहुूंचेगे भगवान
मंदिर के महंत ने बताया कि एक पखवाडे तक गादीघर में उपचार के बाद भगवान दस दिन के लिए नगर भ्रमण पर रहेंगे उसके बाद ही सिंहासन पर विराजमान होंगे। इस प्रकार कुल 27 दिन बाद मंदिर के सिंहासन पर विराजमान हो सकेंगे। उसके बाद ही यहां से साधु संतों की विदाई होगी।
क्षेत्र का बड़ा उत्सव है रथयात्रा
नर्मदांचल के धार्मिक महोत्सव में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा अन्य धार्मिक आयोजन की तरह एक बड़े उत्सव के रूप में मनाया जाने वाले पर्व है। प्रतिवर्ष की भांति आषाढ़ मास शुल्क पक्ष की द्वितीया से रथयात्रा महोत्सव शुरू होकर एकादशी तक जारी रहेगा। रथयात्रा के साथ पुलिस बल भी तैनात है।








