नर्मदापुरम/ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति, नर्मदापुरम की त्रैमासिक बैठक गुरुवार को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय स्थित रेवा सभा कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में 31 मई 2025 की स्थिति में अधिनियम के अंतर्गत प्रकरणों की प्रगति, पंजीकरण, राहत राशि वितरण तथा अभियोजन की स्थिति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर सुश्री मीना ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिनियम अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा जिन प्रकरणों में आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है, उनमें संबंधित विवेचना अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करते हुए शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि उपखंड स्तर पर गठित सतर्कता समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं तथा संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं थाना प्रभारियों के बीच समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक कार्यवाहियां सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, स्वीकृत प्रकरणों में राहत राशि के त्वरित भुगतान हेतु आवश्यक राशि की मांग वरिष्ठ कार्यालय को शीघ्र भेजी जाए। बैठक में कलेक्टर द्वारा अभियोजन की स्थिति की भी जानकारी ली गई एवं प्रकरणों में समयबद्ध न्यायिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ गुरुकरन सिंह, उप-पुलिस अधीक्षक आ.जा.क थाना नर्मदापुरम कुंवरसिंह मुकाती, अति0शासकीय अधिवक्ता सत्येन्द्र सिंह पटैल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग नर्मदापुरम एवं समिति के अशासकीय सदस्य श्री मुकेश चन्द्र मैना एवं श्री देवेन्द्र सिंह परिहार तथा अन्य सदस्यगण उपस्थित हुए।







