नर्मदापुरम । भा.म.सं. से संबद्ध न.पा.कर्म. मजदूर संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महेश वर्मा ने बताया है कि नगरपालिका सीएमओ का राजस्व विभाग के कर्मचारियों से विषेश लगाव है मासिक वेतन भुगतान रोकने के मामले में वह हमेशा टारगेट किये जाते हैं ऐसी जानकारी मिली है कि विगत तीन माह से उप राजस्व निरीक्षक कर्मचारियों के मासिक वेतनों का भुगतान सीएमओ के द्वारा रोककर रखें गये है वेतन वृद्धि भी रोकी गई है पूर्व में भी सहायक राजस्व निरीक्षक कर्मचारियों के मासिक वेतनों का भुगतान रोककर रखा गया था ।घर कि आर्थिक स्थिति चरमराने के बाद कार्यालय जनसुनवाई में शिकायत करने के पश्चात कर्मचारियों को मासिक वेतनो का भुगतान किया गया । कर्मचारी विरोधी नीति के तहत नगरपालिका ने पीआईसी कि बैठक में भी कर्मचारियों के विरोध में प्रस्ताव पारित करके शासन को कार्यवाही के लिए भेजे गये ।
शेख अकबर प्रभारी राजस्व निरीक्षक, बृजेश सारवान उप राजस्व निरीक्षक, बसंत रावत उप राजस्व निरीक्षक के नाम तुगलकी फरमान जारी करते हुए केवाईसी के कार्य को आधार बनाकर अन्य संबंधित कर्मचारियों के मासिक वेतन भी रोके गये है ।नियम के विपरीत जाकर आदत से मजबूर सीएमओ ने माह मई के मासिक वेतनों का भुगतान रोककर हठधर्मिता और अफसरशाही का परिचय दिया है । जनहित में शासन से आने वाली सभी योजनाओं के कार्य को लेकर राजस्व विभाग में पदस्थ कर्मचारियों से ही करवाने का दबाव बनाया जाता है ।आर्थिक स्थिति का संकट उत्पन्न हो जाने से परिवार जन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हो रहे है।
श्री समर्पण श्री संस्था ने शहर की बहुत सी समस्याओं को लेकर नगरपालिका में ज्ञापन दिये हैं । वार्डो में व्याप्त जन समस्याओं से पीड़ित जनता भी कार्यशैली से परेशान हैं सभी प्रकार से इनका पुरजोर विरोध शहर में व्याप्त है इसके बाबजूद भी राजनीति से जुड़े हुए जिम्मेदार लोग और शासन प्रशासन के जिम्मेदार लोग सीएमओ के प्रति गंभीर नहीं है
मजदूर संघ क्षेत्रीय विधायक व नपाध्यक्ष से पुनः अपेक्षा करता है कि नगरपालिका में व्याप्त कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर कर्मचारियों के हित संरक्षण में हस्तक्षेप करें ।अन्यथा मजदूर संघ ट्रेड यूनियन अधिकार के अंतर्गत आंदोलनात्मक कार्यवाही करने हेतु बाध्य होगा जिससे शहर कि छवि धूमिल होगी व कुछ विषय में न्यायालय कि शरण में भी जाएगा।







