शासकीय भूमि आवंटित है तो निजी भूमि में क्यो बनाई जा रही है अस्पताल

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जबलपुर। छतरपुर जिले की तहसील लवकुश नगर में अस्पताल निर्माण के लिए आवंटित शासकीय भूमि में निर्माण न कर निजी भूमि में अस्पताल का निर्माण किये जाने को एक याचिका के माध्यम से चुनोंती दी गई। याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकल पीठ ने छतरपुर के कलेक्टर को निर्देशित किया है कि वे याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का एक माह में निराकरण करें।
लवकुश नगर निवासी पुरुषोत्तम अग्रवाल, गोपाल दास अग्रवाल की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि अनुविभागीय अधिकारी द्वारा उनको बिना कोई नोटिस दिए और बिना भूमि अधिग्रहण किए तथा बिना मुआवजा दिये ही उनकी ग्राम हरद्वार स्थित निजी कृषि भूमि में शासकीय उप स्वास्थ्य केन्द्र अस्पताल का निर्माण किए जाने हेतु मटेरियल डालवा दिया गया। जबकि अस्पताल बनाये जाने हेतु पूर्व से ही शासकीय भूमि आवंटित हैं। नियम विरुद्ध किये जाने वाले निर्माण को अनुचित बताते हुए, उचित राहत की प्रार्थना की गई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एस.डी. गुप्ता एवं कपिल गुप्ता पैरवी कर रहे हैं।

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