शासन की बारी, जल्दी की जाए अधिकारियों के जाने की तैयारी, तबादलों का हो रहा इंतजार
नर्मदापुरम। सीधे सच्चे शहर नर्मदापुरम के संभाग मुख्यालय पर अनेक अधिकारी वर्षों से मूंग दल रहे हैं। हालाकि जाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। लेकिन जो पूर्व में रह चुके हैं उनमें से कुछ उड़ी जहाज को पंक्षी फिर जहाज पर आवे की तर्ज पर नर्मदापुरम में ही डटे रहना चाहते हैं। तबादला केंसिल कराने में अनेक माहिर हो चुके हैं। लेकिन सरकार को अब उनकी एक नहीं सुननी चाहिए। ऐसे लोगों से कोई सौदा भी नहीं होना चाहिए। क्योंकि जनता उनके चेहरे देख देख कर ऊब चुकी है। अब उनकी रवानगी जरूरी है। कुछ तो ऐसे भी हैं जिन्हें कम समय हुआ है लेकिन उन्हें यहां से भगाया जाना चाहिए क्योंकि जिस प्रकार की लूट अर्थात भ्रष्टाचार मचा रखा है। उन्हें मां नर्मदा के तट से कहीं दूर झाबुआ आदि क्षेत्र में भेजा जाना चाहिए। ताकि वे अपने ज्ञान का प्रकाश वहां भी दिखा सकें।
अवैध शराब और रेत का कारोबार कब रूकेगा?
जनता पूछ रही है कि मुख्यालय पर अवैध शराब और अवैध रेत का कारोबार कब रूकेगा। रूकेगा भी या नहीं? क्योंकि जिस प्रकार की मनमानी होती रही है। उन्हें ऊपर का संरक्षण पूरा मिलता रहा है। तभी तो विधायक के बार बार कहने चिठ्ठी लिखने तथा पत्रकार वार्ता में सब कुछ कह देने के बाद भी शराब माफियां पर कोई असर नहीं हुआ। लाइन आर्डर में सुधार नहीं हो सका। अव्यवस्थाएं वैसी ही बनी हुई हैं। आम नागरिक बहुत परेशान हैं। पट्टे तथा लीज की कार्रवाई में भी सुस्ती बनी हुई है। तमाम तरह की अव्यवस्था बनी हुई है। इससे शहरवासी मुक्ति चाहते हैं। यह तव ही हो सकेगा जब दो दर्जन एक्सपायरी डेट के हो चुके अधिकारियों का मुंह यहां से– किया जाए। अाम जनता को तबादलों की थेाक सूची का इंतजार हो रहा है।







