महिला एवं बाल विकास विभाग व एक्सेस टू जस्टिस टीम ने रोका बाल विवाह

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सीहोर। जिला सीहोर में मंगलवार, 27 मई 2025 को एक संभावित बाल विवाह को विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के  एक्सेस टू जस्टिस टीम कार्यक्रम के तहत कार्यरत टीम द्वारा समय रहते रोका गया। चाइल्ड लाइन को प्राप्त सूचना के आधार पर पता चला कि एक 16 वर्षीय बालिका का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही एक्सेस टू जस्टिस टीम की टीम, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा जावर थाना पुलिस के सहयोग से तत्काल मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान बालिका की कक्षा 8 वीं की अंकसूची से पुष्टि हुई कि उसकी आयु मात्र 16 वर्ष है। त्वरित कार्यवाही करते हुए टीम ने विवाह को उसी समय रुकवाया और बालिका के परिवारजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत कानून की जानकारी देते हुए समझाईश दी गई। परिवार ने सहमति जताई कि बालिका की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने से पूर्व विवाह नहीं किया जाएगा। इस संयुक्त प्रयास में श्रीमती सायमा अर्शद (सेक्टर पर्यवेक्षक, महिला एवं बाल विकास विभाग), श्रीमती रचना मालवीय (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता), श्री सुमित गौर (जिला प्रभारी एक्सेस टू जस्टिस टीम), दीपक राठौर (टीम सदस्य एक्सेस टू जस्टिस टीम), जावर थाना से पुलिस कर्मी द्वारा समय पर की गई इस कार्यवाही  से एक बालिका का भविष्य संवरने से बचाया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग एवं  विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन एक्सेस टू जस्टिस टीम कार्यक्रम द्वारा बाल संरक्षण हेतु यह एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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