भोपाल (ए.)। सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताने वाले एमपी के मंत्री कुंवर विजय शाह ने एक बार फिर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि ये मेरी भाषाई भूल थी। इसके लिए मैं बहन सोफिया कुरैशी और देशवासियों से माफी मांगता हूं।मंत्री विजय शाह ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी को ठेस पहुंचाना मेरा उद्देश्य नहीं था। वीडियो में विजय शाह ने ये कहा कि जय हिंद, पिछले दिनों पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से मन दुखी और विचलित था। मेरा राष्ट्र के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर और सम्मान हमेशा रहा है। मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से समुदाय धर्म और देशवासियों को दुख पहुंचा है, यह मेरी भाषाई भूल थी। मेरा आशय किसी भी धर्म जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना या आहत करना नहीं था। भूल वश अपने द्वारा कहे गए शब्दों के लिए मैं पूरी तरह भारतीय सेना, बहन कर्नल सोफिया कुरैशी और देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हूं और पुन: हाथ जोडकऱ आप सबसे माफी मांगता हूं।
विजय शाह के माफी का यह तीसरा वीडियो
बयान पर विवाद होने के बाद पहली बार सफाई देते हुए मंत्री शाह ने कहा था कि मेरे बयान को गलत संदर्भ में न लें। इसके बाद भी मामला तूल पकड़ता गया तो उन्होंने दूसरा वीडियो जारी किया और माफी मांगी।
इस माफी के साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सेनाओं से जुड़ी पृष्ठभूमि के बारे में बताया। इसके बाद हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए एफआईआर के आदेश दे दिए। मामले में शाह सुप्रीम कोर्ट गए वहां से भी राहत नहीं मिली। बल्कि एसआईटी गठित कर जांच के आदेश जारी हो गए। अब शाह ने माफी मांगते हुए तीसरा वीडियो जारी किया है।
मंत्री विजय शाह ने आखिर क्या कहा था…
मंत्री विजय शाह 11 मई को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा था कि उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।शाह ने आगे कहा कि अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते। इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा, कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी। देश का मान-सम्मान और हमारी बहनों के सुहाग का बदला तुम्हारी जाति, समाज की बहनों को पाकिस्तान भेजकर ले सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआरटी कर रही जांच
विजय शाह के इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। विजय शाह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तो वहां भी उनकी माफी नामंजूर कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय एसआरटी मामले की जांच कर रही है।








