नई दिल्ली(आरएनएस)। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम आतंकवाद से लडऩे के अपने संकल्प को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। हम चाहते हैं कि दुनिया आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लडऩे के लिए एक साथ आए।इसी बीच विदेश विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा, हमें उम्मीद है कि तुर्की की ओर से पाकिस्तान को आतंकवाद पर अपना समर्थन बंद करने को कहेगा। तुर्किये और भारत के रिश्तों को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि रिश्ते एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर बनते हैं। भारतीय कारोबारियों ने भी तुर्किये के सेब और संगमरमर जैसे उत्पादों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। वहीं, भारत के शैक्षणिक संस्थानों ने भी तुर्किये का बायकॉट किया है।रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान पिछले 40 वर्षों से भारत के खिलाफ आतंकवाद को अंजाम दे रहा है। उसके कार्यों को उजागर करने की आवश्यकता है। उसे भारत के खिलाफ किए गए आतंकी हमलों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसलिए सात प्रतिनिधिमंडल बनाए गए हैं। तीन प्रतिनिधिमंडल रवाना हो चुके हैं। यह एक राजनीतिक मिशन है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल दुनिया के 33 देशों में जा रहे हैं। सभी देश हमारे मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदार हैं। हमारे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। उनमें से कई देश सुरक्षा परिषद के सदस्य हैं या आने वाले दिनों में सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनेंगे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, यह जरूरी था कि हम इन देशों में जाएं ताकि हम आतंकवाद पर भारत का संदेश बता सकें।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच जंग को समाप्त करने का श्रेय लेने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, कि अपनी पिछली ब्रीफिंग में मैंने इस पर बात की थी। मेरे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है। आप हमारी स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी जुड़ाव द्विपक्षीय होना चाहिए। बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद के मामले में हम उन कुख्यात आतंकवादियों को भारत को सौंपने पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिनकी सूची कुछ साल पहले पाकिस्तान को दी गई थी।उन्होंने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि जम्मू और कश्मीर पर कोई भी द्विपक्षीय चर्चा केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करने पर होगी। तुकिर्ये के मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि तुर्किये पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन बंद करने और दशकों से अपने यहां मौजूद आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेगा। रिश्ते एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर बनते हैं। सेलेबी मामले पर यहां तुर्किये दूतावास के साथ चर्चा की गई है। लेकिन मैं समझता हूं कि यह विशेष निर्णय नागरिक उड्डयन सुरक्षा द्वारा लिया गया था।








