इटारसी। न्यायालय श्रीमान तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश इटारसी श्री आदित्य रावत’ ने धारा 304ध्34 भारतीय दंड विधान के आरोप से आरोपी नन्द संध्याए सास रामवतीए पति पूनम उर्फ सोनू तथा ससुर जमुना प्रसाद को मृतिका प्राची अहिरवार को दहेज के लिए प्रताड़ित करने से परेशान होकर उसने आत्महत्या करने के आरोप से दोष मुक्त करने का निर्णय पारित किया है। अभियोजन के अनुसार आरोपी पूनम उर्फ सोनू का विवाह मृतिका प्राची अहिरवार के साथ दिनांक 20 जून 2020 को हुआ था और प्राची ने दिनांक 19 अप्रेल 2022 को इटारसी अपनी ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद प्राची के मायके वालों ने आरोपीगण के विरुद्ध दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए इटारसी थाने में रिपोर्ट की थी। जिस पर इटारसी पुलिस ने विवेचना उपरांत प्रकरण न्यायालय में पेश किया। जिसका सत्र प्रकरण क्रमांक 39 सन 2022 था। न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन ने अपनी ओर से 16 गवाह पेश किए तथा अभियुक्तगण ने अपने बचाव में चार गवाह पेश किए थे। अभियोजन ने अपनी ओर से 35 दस्तावेजों को सबूत कराया था विद्वान न्यायाधीश ने प्रकरण के विचारण के उपरांत अभियोजन तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता गण ’श्री अशोक शर्माए संजय शर्मा एवं सर्वेश शर्मा एगजेंद्र नागे एदीपक तिवारी तथा माया पटेल’ के तर्को से सहमत होकर आरोपी गणों को आरोपित अपराध से आरोपित अपराध से ’दोष मुक्त’ करने का निर्णय पारित किया है।







