जबलपुर । एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड की केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वावधान में रामपुर स्थित मशाल परिसर में आयोजित 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर ड्राइंग-पेंटिंग व कैलीग्राफी प्रशिक्षण शिविर केजी से ले कर कक्षा बारहवीं तक के 75 विद्यार्थी जहां एक ओर सुलिपि का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, वहीं वे वाटर व आइल कलर पेंटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर चित्रांकन में भी महारत हासिल कर रहे हैं। शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को फोल्डिंग टेबल भी प्रदान किए गए।
सुलिपि जीवन भर के लिए है वरदान-शिविर की प्रशिक्षक संपदा बनोधा, निधि बेन व अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी से पुरस्कृत चित्रकार पल्लवी वर्मा बच्चों को ड्राइंग-पेंटिंग व कैलीग्राफी का प्रशिक्षण दे रहे हैं। संपदा बनोधा ने जानकारी दी कि कैलीग्राफी के प्रति विद्यार्थियों में उत्साह है। बच्चे गर्मी के अवकाश का सदुपयोग हस्तलिपि सुधारने में कर रहे हैं। प्रत्येक अभिभावक चाहता है कि उनके बच्चे की हस्तलिपि बेहतर रहे और वे ग्रीष्मकालीन अवकाश का सदुपयोग कर उनके बच्चे अच्छी हेंड राइटिंग में अपना विद्यालयीन कार्य करने लगें। केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के पदाधिकारी एससी घोष ने कहा कि यदि बुनियादी स्तर से विद्यार्थी अपनी सुलिपि की ओर विशेष ध्यान दें तो यह जीवन भर के लिए वरदान बन जाता है।
विविध तरीके से कैलीग्राफी का प्रशिक्षण-प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि कैलीग्राफी शिविर उनके लिए लाभप्रद सिद्ध हुआ है। निरंतर प्रशिक्षण के कारण उनकी हस्तलिपि में पूर्व की तुलना में ज्यादा निखार आया है। अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी लिपि सुंदर व स्पष्ट हुई है। शिविर में प्रशिक्षणार्थियों को कविता, लेख, फाइल हेडिंग, स्लोगन, ग्रीटिंग कॉर्ड व पोस्टर तैयार करवा कर कैलीग्राफी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
चित्रकला में पोट्रेट के साथ लैंडस्केप का प्रशिक्षण-ड्राइंग-पेंटिंग शिविर में बच्चों से सर्वप्रथम बेसिक में स्केचिंग, शेडिंग और उसके बाद फिगर, लैंडस्केप, पोट्रेट पेंटिंग, स्टिल लाइफ के गुरों को भली भांति सिखाया जा रहा है। केन्द्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के पदाधिकारियों ने शिविर का अवलोकन किया और इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि सभी शिविर में सभी प्रतिभागी रूचि दिखा रहे हैं और उन्हें इसका लाभ भी मिल रहा है। ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का संयोजन व समन्वय परिषद के कार्यालय प्रभारी अजय उशकरवार, राकेश यादव व राकेश स्वामी कर रहे हैं।








