पश्चिम मध्य रेलवे में आधुनिक मशीनों से रेल संरक्षा को मिल रहा बढ़ावा

Join Us

जबलपुर  । रेलवे बोर्ड द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चार सप्ताह में रेलवे में संरक्षा से सम्बंधित चार जागरूकता अभियान चलाने की पहल की जा रही है। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेलवे में तीसरे सप्ताह में भी संरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। पश्चिम मध्य रेलवे ने रेल पटरियों की आंतरिक संरचना की सूक्ष्म जांच के लिए अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (युएसएफडी) तकनीक का उपयोग किया गया। जिसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 में 31,360 किमी से अधिक ट्रैक परिक्षण, 7500 से अधिक रेल परिक्षण, लगभग 68,000 वेल्ड परिक्षण, लगभग 8800 टर्नआउट परिक्षण और लगभग 8900 स्वीच एक्सपेंशन जॉइंट्स परिक्षण की सूक्ष्मता से जांच की गई।
पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मंडलों ने अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (युएसएफडी) जाँच में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे रेल में दरारें, फ्रैक्चर और आंतरिक कमज़ोरियों जैसी खामियों का जल्द पता लगाने में मदद करके रेल संरक्षा में काफ़ी वृद्धि हुई है।
भोपाल मंडल :- मंडल में कुल 08 युएसएफडी टीमों का गठन किया गया है। वर्ष 2024-25 में मंडल के स्तर पर 10,000 किलोमीटर ट्रैक का परीक्षण किया है। साथ ही यूएसएफडी मशीनों से 34,000 बेल्ड, 4704 टर्नआउट और 4498 स्वीच एक्सपेंशन जॉइंट्स परीक्षण कर सूक्ष्मता से जांच की गई।
जबलपुर मण्डल :- मंडल में कुल 13 युएसएफडी टीमों का गठन किया गया है। यूएसएफडी टीम ने वित्त वर्ष 2024-25 में 11,211 किलोमीटर ट्रैक का परीक्षण किया है। सावधानीपूर्वक और विस्तृत यूएसएफडी परीक्षण और विवरण के माध्यम से यूएसएफडी परीक्षण से 82 रेल, 76 बेल्ड रेल दोषों को हटाया गया है।
कोटा मंडल :- मण्डल में यूएसएफडी से जाँच के लिए कुल 09 टीमों का गठन किया गया है। यूएसएफडी टीम ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 10,155 किमी ट्रैक लंबाई का परीक्षण किया है। साथ ही यूएसएफडी मशीनों से 7,465 किमी रेल परीक्षण, 33,789 वेल्ड परीक्षण, 4,373 एसईजे (स्विच एक्सपेंशन जॉइंट) परीक्षण एवं 4,075 टर्नआउट परीक्षण कर सूक्ष्मता से जांच की गई।
अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन (युएसएफडी) तकनीक आज भारतीय रेलवे की संरक्षा प्रणाली का एक अविभाज्य अंग बन चुकी है। यह न केवल ट्रैक की विश्वसनीयता और स्थायित्व को सुनिश्चित करती है, बल्कि समय रहते खतरों की पहचान कर संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम में भी सहायक सिद्ध हो रही है। पश्चिम मध्य रेलवे इस तकनीक के कुशल क्रियान्वयन से ट्रेनों के संरक्षित संचालन की दिशा में लगातार सफलताएं अर्जित कर रहा है।
रेलवे की संरक्षा प्रणाली में पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा किये जा रहे आधुनिक प्रयास, सक्रिय रखरखाव और बेहतर रेल सुरक्षा की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।

Previous articleअंतर्राज्यीय ट्रांसमिशन लाइन में टावरों का मॉडिफिकेशन और शिफ्टिंग कार्य पूर्ण – ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर
Next articleसुलिपि के साथ चित्रकला में महारत हासिल करने में जुटे बच्चे