स्व अक्षय दीक्षित के पिता ने कहा कि मेरे पुत्र की मौत के पीछे षडयंत्र की आशंका लगती है, गंभीरता पूर्वक जांच होना चाहिए

Join Us

पुलिस जांच में यह लिखा गया कि उसका दाहिना पैर गायब था, जबकि उसका पैर सही सलामत था

नर्मदापुरम। स्व. अक्षय दीक्षित की मृत्यु पर अभी तक अनेक सवाल उठ रहे हैं। उनके पिता समाजसेवी अरूण दीक्षित तथा उनके मित्रों ने कहा कि उक्त घटना को लेकर षडयंत्र की आशंका है। क्योंकि जो बयान सामने आ रहे हैं। उनमें अनेक विसंगतियां हैं। पुलिस की जांच भी शक के दायरे में है। क्योकि पुलिस द्वारा एक बैर गायब होना बताया गया जबकि उसके दोनो पैर सही सलामत थे। उक्त मामले में जिस वाहन में स्व. अक्षय दीक्षित के साथ जो लोग थे उनमें सीएमएओ डॉ दिनेश देहलवार, डॉ रोहित शर्मा व एक अन्य साथी शामिल रहे। डॉ देहलवार व डा शर्मा के बयान के अनुसार जानवर के सामने आने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त् हुआ। पुलिस ने द्वारा उसका उल्लेख नहीं करते हुए सिर्फ तेज गति से वाहन चलाने का उल्लेख किया गया है। जिससे एलआईसी के दुर्घटना हित लाभ का भुगतान रोक दिया गया। पुलिस ने पंचनामा रिपोर्ट नहीं दी है।

श्री दीक्षित ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक, व पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया गया था। लेकिन पुलिस ने जांच आवेदन को शिकायत आवेदन मानकर संबंधित डाक्टर के बयान लेकर प्रकरण को खात्मा रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत कर दिया गया। स्व. अक्षय दीक्षित के पिता अरूण दीक्षित का कहना है कि दुर्घटना से संबंधित अगर पुलिस द्वारा समय पर सही तरीके से जांच की जाती तो निश्चित ही अक्षय की मृत्यु पर उठ रहे सवाल का समाधान किया जा सकता था।

14 बिंदुओं पर जांच की मांग

सीएमएचओ अक्षय को घायल अवस्था में छोड़कर घटना स्थल से क्यों चले गए? अक्षय स्वयं वाहन चला रहा था वाहन पलटने पर दाहिनी तरफ गिरना था लेकिन 50 फीट दूर बायीं तरफ घायल अवस्था में मिला? अक्षय को वाहन पलटने पर हाथ पैर मुंह में चोट लगना था। लेकिन उसके शरीर के सम्मुख कोई चोट नहीं सिर्फ पीछे सिर में गंभीर चोट लगना सवाल पैदा करती है। वाहन का मुआयना करने पर एक बूंद भी खून की नजर नहीं आई फिर सिर में चौट कैसे आई? ऐसा लगता है कि एक कमरे में बैठकर बयान लिए गए जो आपत्तिजनक हैं। बयान प्रथक प्रथक स्थान पर होना था। रोहित शर्मा घटना स्थल से 20 फीट दूर गिरे मिले वाहन के तीनों गेट लाक थे एवं रोहित शर्मा आगे की शीट पर बैठे थे फिर वे बाहर आकर कहां गिरे? बताया कि अक्षय कांच फूटने पर बाहर गिरा जबकि स्टेयरिंग एवं छत के बीच मात्र 12 इंच का अंतर था फिर 6 फिट का अक्षय कैसें बाहर निकल सकता है? डा देहलवार के द्वारा एम्बूलेंस की व्यवस्था या फस्ट् एड की व्यवस्था की जा सकती थी। लेकिन नहीं की। डॉ शर्मा बाबई रोड पर एक अस्पताल का निर्माण करा रहे थे अक्षय ने दौड़ धूप कर डॉ शर्मा की श्रीमती के नाम करीब साड़े 4 करोड़ का लोन स्वीकृत कराया था। डा देहलवार भी अप्रत्यक्ष रूप से साझेदारी नजर आती है। अक्षय से प्रामिस किया गया था कि अस्पताल के डायरेक्टर रहोगे। उसने संपूर्ण ढांचा तैयार करवाया था। घटना के दौरान साथ रहे इन लोगों ने सहानुभूति के दो शब्द तक नहीं किए। जिससे शंका लाजमी है। डोलरिया थाने की पुलिस ने बताया था कि वाहन का मुंह होशंगाबाद तरफ था जबकि वाहन में बैठे अक्षय के मित्रों का कहना है कि हम सिवनी बानापुरा जा रहे थे। अलग अलग बयान से शंका हो रही है। जब तीनों गेट लाक थे तो तीनों लोग कहां से बाहर आए? अपने आपको बेहोशी की हालत बताने वाले वीडियो वायरल करने के उपरांत एवं वाहन में अंधेरा होने पर लाइट जलाकर मोबाइल उठाना शंका की स्थिति को पैदा करता है। वाहन पलटने पर तीनों को कोई चोट नहीं आई यही भी शंका उत्पपन्न करता है। उक्त मामले में आक्षय के पिता की जांच कराने की मांग की है।

Previous articleउत्कृष्ट कार्य के लिए डा खंपरिया सम्मानित
Next articleश्री मनु तुलसी स्मृति मंच द्वारा प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सजी गीत संगीत की संध्या