सीहोर/समाज में आध्यात्मिक जन जागरण और राष्ट्र को पुनः शक्ति सम्पन्न और विश्व गुरु बनाने के लिए 108 कुंडीय महायज्ञ का शुभारंभ आज गायत्री शक्तिपीठ से चलकर नगर के जाति धर्म के नरनारी और छोटे बड़ों को भावभरा आमंत्रण देती हुई मंगल कलश यात्रा माधव आश्रम यज्ञ स्थल पहुंची. शहर में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और व्यवसाईओं ने युग निमंत्रण को स्वीकार करते हुए सत्य कलश धारी बहनों का पुष्प वर्षा कर स्वागत वंदन किया.
मंगल कलश का पूजन कर्मकांड उपजोंन जॉन प्रभारी आर. पी. हजारी ने कहा कि शांतिकुंज हरिद्वार ने वर्ष 2024-25 को नारी सशक्तिकरण वर्ष घोषित किया है और नारी शक्ति का प्रतीक होती है अतः नारियों को सशक्त और कुरीतियों के विरोध में विचारशील और समझदार बनना चाहिए.
कलश का पूजन सीहोर के विधायक सुदेश राय एवं उनकी धर्मपत्नी अरुणा राय जी द्वारा किया गया, विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर सप्तनीक पधारे साथ ही शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री जगदीश कुलमी जी, मध्य प्रदेश जॉन समन्वयक राजेश पटेल, सहायक जोन समन्वयक श्री प्रभाकांत तिवारी जी की विशेष उपस्थिति रही. यात्रा में सामिल मोटर साईकल सवार बेटियों ने यात्रा की अगुआई की. छिंदवाड़ा से आई आदिवासी नृत्य टोली का पारम्परिक वेशभूषा में चलित नृत्य यात्रा का विशेष आकर्षण का केंद्र रहा. हजारों बहनों ने कलश देव को अपने सिर पर धारण किया. भाइयों ने निर्माण योजना के सप्तसूत्री आंदोलन की तख्तीयां, वृक्ष कावड़ यात्रा निकाली. शोभा यात्रा में ऋषियों की यज्ञ परंपरा की सजीव झांकी, नारी शौर्य को प्रदर्शित करती हुई हुए वीरांगनाएं और धर्म तंत्र से लोक शिक्षण की कई झांकियां शामिल रहीं. सीहोर नगर की गलियां और जनता जनार्दन इस अद्धभुत और अभूतपूर्व मंगल कलश यात्रा की साक्षी बनीं.
यज्ञशाला आगमन पर मातृशक्ति का आरती से स्वागत वंदन के बाद मंचाशीन वह्मवादिनी टोली की टोली नायक सुश्री दीना त्रिवेदी ने कहा कि जिन श्रद्धालुओं के सौभाग्य का उदय होता है वे ऐसे पुण्यकार्य में भाग लेते हैं. उन्होंने कहा कि इस यज्ञभूमि में 04 दिन तक ऋषि और देवशक्तियों का वास रहेगा. गायत्री को सद्बुद्धि की देवी बताते हुए कहा कि आज के वैचारिक प्रदूषण को दूर करने के लिए गायत्री मंत्र को जन जन तक पहुँचाने और सत्कर्म रूपी पिता के दर्शन को जीवन में अपनाना होगा. इस विराट महायज्ञ के माध्यम से सीहोर का भाग्य और भविष्य बदलने जा रहा है. कल प्रातः 07 बजे से देवपूजन का विशेष क्रम होगा जिनमे 500 जोड़े भाग लेगें.








