-गृह मंत्रालय को दी गई जानकारी
नई दिल्ली,(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा की प्रारंभिक जांच में कथित बांग्लादेशी शरारती तत्वों की संलिप्तता का संकेत मिले हैं. इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जानकारी दी गई.सरकारी सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि प्रारंभिक जांच से यह भी पता चलता है कि शरारती तत्वों को शुरू में स्थानीय नेताओं से सहायता मिली होगी, लेकिन अंतत: वे बेकाबू हो गए.इस बीच, गृह मंत्रालय मुर्शिदाबाद और पश्चिम बंगाल के अन्य संवेदनशील जिलों में गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है. गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के तीन सीमावर्ती क्षेत्रों में हाल की हिंसा पर चिंता जताई है और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है.प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि इसमें बांग्लादेशी शरारती तत्वों का हाथ है, जिन्हें कथित तौर पर स्थानीय टीएमसी नेताओं से मदद मिली थी, बाद में ये शरारती तत्व बेकाबू हो गए.हिंसा के कारण कई हिंदू परिवार मालदा भागने को मजबूर हुए, जिससे नए सिरे से घुसपैठ और सांप्रदायिक अशांति की आशंका पैदा हो गई.केंद्र सरकार ने जान-माल की सुरक्षा में विफलता, रेलवे संपत्तियों पर हमले और हिंसा के शुरुआती दौर में पुलिस की निष्क्रियता के बारे में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है.केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बीते शनिवार को बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से बात की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने राज्य सरकार को अन्य संवेदनशील जिलों पर कड़ी नजर रखने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने की सलाह दी.केंद्रीय गृह सचिव पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ लगातार संपर्क में हैं.गृह मंत्रालय ने मुर्शिदाबाद में बीएसएफ की करीब नौ कंपनियां यानी कम से कम 900 जवान तैनात किए हैं. इनमें से 300 बीएसएफ जवान स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं।








