अधूरी बाउंड्रीवाल से पशुओं का बना रहता है डेरा
नर्मदापुरम। कृषि उपज मंडी में अधूरी बाउंड्रीवाल के कारण गेहूं की खरीदी कर रही समितियों को नुकसान हो रहा है। पिछले अनेक दिनों से मवेशी मंडी में खरीदे हुए गेहूं के ढेर से गेहूं खा रहे हैं वहीं बोरियों में भरे हुए गेहूं को मवेशी खा रहे हैंं। किसानों आैर समितियों के कर्मचारियों को मवेशी भगाना पड़ रहा है। कम से कम दो क्विंटल सरकारी गेहूं खा गए हैं। यह गेहूं किसानों से सोसाइटियों ने समर्थन मूल्य पर खरीदा था। इससे सोसाइटी को हजारों रुपए की चपत लग रही है। नर्मदांचल सोसाइटी के प्रबंधक जितेंद्र राजपूत और दीपक थापक के मुताबिक हर साल समर्थन मूल्य पर उपज खरीदने के दौरान इसी तरह के हालात बन जाते हैं। जिससे समितियों को नुकसान की भरपाई करनी पड़ती है रायपुर सोसायटी के थापक का कहना है कि मवेशी आने पर उन्हें भगाने का कार्य भी हमें ही करना पड़ रहा है जरा चूके वे ढेर से अनाज खाने लगते हैं। उन्होंने बताया की आवारा जानवरों को रोकने के मंडी में पूरी तरह उपाय नहीं है। वाउंड्रीवाल व तार फैंसिंग जगह.जगह से टूटी हुई है। जहां से मवेशी प्रवेश कर जाते हैं। यहां पर सब्जी मंडी भी पास में ही होने के कारण भी मवेशी का आना जाना लगा रहता है।
जमकर हो रही आवक
मंडी सहित अनेक केंद्रों पर इन दिनों गेहूं की बंपर आवक हो रही है। सोसायटी खरीदी करने में लगी रहती है। उनके कर्मचारी गेहूं की तुलाई, सिलाई आदि कार्य में व्यस्त हो जाते हैं। इतने में मवेशी आकर गेहूं के ढेर में मुंह मारते रहते हैं।







