NSUI के दबाव में मिला न्याय – विभाग ने स्वीकार की गलती, नफीसा बानो को अवैध वसूली का भुगतान ब्याज सहित लौटाने का आदेश जारी

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भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विराज यादव के प्रयासों और जनदबाव के चलते प्रधानमंत्री उत्कृष्टता महाविद्यालय, राजगढ़ द्वारा की गई न्यायालय की अवहेलना पर अब उच्च शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है और आदेश जारी कर दिया है कि नफीसा बानो से की गई अवैध वसूली ब्याज सहित वापस की जाए। यह मामला W.P. No. 24047/2019 (नफीसा बानो बनाम उच्च शिक्षा विभाग व अन्य) का है, जिसमें मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन से की गई कोई भी अवैध वसूली अवैध मानी जाएगी, और यदि की गई हो तो उसे ब्याज सहित लौटाया जाए।

NSUI की पहल:

इस अवमानना को लेकर विराज यादव ने एक मजबूत अभियान शुरू किया था, जिसमें उन्होंने दिनांक [05/04/2025] को निम्न वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा:

1. अनुराग जैन, प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन
2. अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग
3. निशांत वरवड़े, आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग

ज्ञापन में उठाए गए मुख्य बिंदु:

न्यायालय के आदेश के बावजूद विभागीय चुप्पी और कॉलेज का टालमटोल रवैया

विधानसभा में “सकरण आदेश” जारी कर न्यायालय की जगह राजनीतिक स्पष्टीकरण देना

रिटायर्ड व्यक्ति की मानसिक पीड़ा और सम्मानजनक जीवन का उल्लंघन

आज आया विभाग का आदेश:

अब विभाग ने लिखित आदेश जारी कर दिया है कि नफीसा बानो से की गई समस्त वसूली राशि उन्हें ब्याज सहित वापस की जाए, और साथ ही भविष्य के लिए भी यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसी कोई वसूल न्यायालय के निर्देशों के विपरीत न की जाए।*

विराज यादव का बयान: यह जीत न्यायपालिका, संविधान और जनता की आवाज़ की है। हम सिर्फ एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक़ के लिए लड़ रहे हैं। अगर कोई अन्य व्यक्ति भी ऐसी वसूली या आदेशों की अवमानना का शिकार है, तो वह मुझसे सीधे संपर्क कर सकता है।

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