ब्राह्मण समाज महिला मंडल द्वारा 13 दिवसीय गणगौर पर्व का समापन उत्सव धूम  धाम से मनाया

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निकाला गया भव्य चल समारोह भोजन प्रसादी का किया गया वितरण

सीहोर। ब्राह्मण समाज महिला मंडल के तत्वधान में प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी तेरह दिवसीय गणगौर पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा गया  एवं चल समारोह का आयोजन धूमधाम से आयोजित किया गया  जानकारी देते हुए समाज की अध्यक्ष सुश्री नीलम शर्मा ने बताया कि तेरह दिवसीय आयोजन हर वर्ष किया जाता है उसी तत्वाधान में 31 मार्च सोमवार को भी गणगौर चल समारोह कार्यक्रम स्थान ब्राह्मण धर्मशाला से प्रारंभ हुआ था जो प्रतिदिन  मुख्य मार्गों से होते हुए सीवन नदी चौराहा पोंछता था   इसी कड़ी में 13 दिवसीय गणगौर उत्सव का समापन 2 अप्रैल बुधवार को किया गया सीवन तट पर पहुंचकर झाले दिये गये गणगौर पर्व पर
महिलाएँ एवं युवतियाँ द्वारा शिव पार्वती की प्रतिदिन पूजा अर्चना करती है तरह तरह के व्यंजनों का लाभ उठाकर मेले का भव्य रूप बनाकर गणगौर के गीत गाती है । आगे जानकारी देते हुए सुश्री नीलम शर्मा ने बताया कि सैकड़ों महिला शामिल होकर पर्व माना रही
थी।  यह मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में मनाया जाता है। गणगौर दो शब्दों गण और गौर से बना है। इसमें गण का अर्थ भगवान शिव और गौर का अर्थ माता पार्वती से है। इस दिन अविवाहित कन्याएं और विवाहित स्त्रियां भगवान शिव, माता पार्वती की पूजा करती हैं। साथ ही उपवास रखती हैं। कई क्षेत्रों में भगवान शिव को ईसर जी और देवी पार्वती को गौरा माता के रूप में पूजा जाता है। गौरा जी को गवरजा जी के नाम से भी जाना जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार श्रद्धाभाव से इस व्रत का पालन करने से अविवाहित कन्याओं को इच्छित वर की प्राप्ति होती है और विवाहित स्त्रियों के पति को दीर्घायु और आरोग्य की प्राप्ति होती है। बुधवार को गणगौर उत्सव के समापन के अवसर पर ड्रेस कोड ब्राह्मण महिला मण्डल समाज की साड़ी रहा इसके साथ ही निकाला गया भव्य चल समारोह एवं समाज की धर्मशाला पर भोजन प्रसादी का वितरण किया गया ।

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