दालों के भाव से मध्यम वर्गीय परिवारों को आफत, डंगरबाड़ी से आ रही सब्जियां दे रही राहत

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नर्मदा और तवा की तलहटी से निकल रही बहुतायत में हरी सब्जियां पहुंच रही भोपाल इंदौर तक

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फैक्ट फाइल-

5000 क्विंटल रोज थोक मंडी में आ रही हैं सब्जियां।

5000 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने लगाई हैं सब्जियां।

3000 डंगरबाडियों में लगी हुई है सब्जी की बाड़ी।

10 लाख रुपये की प्रतिदिन बाहर जा रही हैं सब्जियां।

20 से 40 रुपये किलो मिल रही हैं हरी सब्जियां।

5 रूपये किलो के भाव थोक में बिक रहे हैं टमाटर।

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रश्मि गौड़,

नर्मदापुरम। जहां दालों के भाव 140 रुपये किलो से ऊपर हैं। सब्जी के भाव 40 से 80 रुपये किलो थे लेकिन डंगरबाड़ी से आ रही हरी सब्जियों की लगातार खेप ने लोगों की थाली में हरी सब्जी पहुंचा कर राहत पहुंचाई है। वर्तमान में टमाटर के भाव 10 रुपये किलो, डंगरबाड़ी से आने वाली हरी सब्जियों में भिंडी, करेला, लौकी, गिलकी,कद्दू,भटे सहित अन्य अनेक सब्जियां भी आ रही हैं। जिनके दाम औषतन 30-40 रुपये किलो तक ही हैं। इससे आम लोगों को कुद हद तक राहत है।

बीते वर्ष से अधिक आ रही सब्जियां

बीते वर्ष हरी सब्जी की आवक कम हो रही थी। मौसम खराब होने के कारण सब्जी वालों को घाटा हुआ था। जिससे सब्जी की आवक रूक सी गई थी। लेकिन इस बार मौसम ठीक रहने से डंगरबाड़ी की हरी सब्जी बहुतायत में बाजार में आ रही है। जिससे दाम भी कम ही हैं।

सब्जी की खेप बाहर तक जा रही हैं

ग्रामीण क्षेत्रों में जो सब्जी की खेती करने वाले किसान खेत में तथा डंगरबाडियों में सब्जी लगा रहे हैं। जिला मुख्यालय के आसपास एक दर्जन से ज्यादा गांवों में खाद्यान्य के साथ सब्जी की खेती भी बड़ी मात्रा में की जाती है। यह सब्जी नर्मदापुरम में पूर्ति करने के अलावा प्रदेश के भोपाल इंदौर व अन्य बड़े शहरों तक जाती है।

गांव में खराब हो रही सब्जी

जासलपुर निवासी अंबिका राजपूत, रायपुर के ईश्वरी सैनी, संतोष गौर ने बताया कि बांद्राभान, घानाबढ़, सांगाखेड़ा गांव में बड़ी मात्रा में रोजाना सब्जी निकल रही है। जिसके दाम कम मिलने से खरीददार नहीं मिल रहे हैं। यह सब्जी पहले भोपाल मंडीदीप तक लोडिंग आटो में जाती थी। उन क्षेत्रों में भी सब्जी होने से मांग कम है। जिससे यहां पर सब्जी खराब होने लगी है।

बंपर आ रही टमाटर की फसल

रायपुर गांव के सब्जी उत्पादक विनोद कहार ने बताया कि सभी किसानों ने टमाटर की सब्जी लगाई है। सभी की एक साथ फसल आ गई है। इसलिए थोक मंडी में टमाटर के दाम 5 रुपये किलो तथा इससे भी कम मिल रहे हैं। इतने कम दाम में टमाटर की तुड़वाई तक नहीं निकल पा रही है। सब्जी लगाने वालों को घाटा हो रहा है।

कुछ ही दिनों में बढ़ेंगे दाम

बाहर से और लोकल स्तर से दोनों जगह से हरी सब्जी की अच्छी आवक होने से दाम में कमी आ रही है। यह कमी 15 दिन की ही है। जैसे ही तेज गर्मी शुरू होगी सब्जी के दामों में उछाल शुरू हो जाएगा।

अमीन राइन, अध्यक्ष थोक सब्जी मंडी,

 

 

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