सीहोर । स्थानीय बियानी का बगीचा सुभाष नगर में अखिल भारतीय संस्कृति उत्थान जन सहयोग सेवा समिति सीहोर के बैनर तले सरदार भगत सिंह, राजगुरु, एवं सुखदेव जी के शहीद दिवस पर विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वारका वसुरिया ने की मुख्य अतिथि विनोद पंसारी व विशेष अतिथि हीरा लाल शर्मा,समिति संरक्षक संपद बई चौकसे एवं हीरा लाल जायसवाल , के रूप में उपस्थित रहे । उपस्थित अतिथियों ने शहीद भगत सिंह, राजगुरु , सुखदेव के चित्र के समुख दीप प्रज्वलित कर पुष्पांजलि अर्पित की । सरस्वती वंदना डॉ विजेंद्र जायसवाल ने की गोष्ठी का संचालन आदित्य हरि गुप्ता ने किया उपस्थित कविगणों ने एवं साहित्य कारों ने शहीद भगत सिंह के चित्र के समुख पुष्पांजलि एवं श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने अपने विचार एवं अपनी अपनी कविता का पाठ किया । जोरावर सिंह ने कहा कि वीरों के त्याग बलिदान को नमन बारम्बार नमन है झांसी की महारानी को । गीतकार रामनारायण राठौर वतन के वास्ते जोह हंसकर शीश देते है । संतोष हिंदुस्तानी बहे खून मेरा चमन के लिए । हीरा लाल शर्मा आज तिरंगा लहर लहर जाए , हीरा लाल जायसवाल जागो हिन्दू जागो ग़दरो को उनकी औकात बता दो । डॉ विजेंद्र जायसवाल फूल थे अंगार थे वो जलती हुए मशाल थे । लक्ष्मण चौकसे संख्या का खेल चल रहा है अब गिनती से काम नहीं चलेगा । हरीश आर्य दूर हम दूर होगए कही न कही हम भी भीड़ में खो गए । कैलाश चौहान पहले देश बाद में हम । आदित्य हरि गुप्ता जो देश पर मरेगा वही अमर रहेगा । द्वारका वसुरिया तुम हो युवा देश के सागर के तट बंधन हो । विनोद पंसारी दिल चाहता है आज की शाम शहीदों के नाम करदू। हरिओम दाऊ शर्मा रक्त शिराओं में बहने वाला रक्त या तो जम गया है या तो पानी हो गया है । विशाल यादव अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं भी भगत सिंह के बताए हुए मार्ग पर चल कर थोड़ा भी भगत सिंह जैसा बन पाऊं तो मेरा जनम सफल हो जाएगा । प्रदीप चवड़ा ने कहा आज हमारे देश में पुनः भगत सिंह के जैसे युवा की आवश्यकता है । अंत में आभार समिति अध्यक्ष लक्ष्मण चौकसे ने माना।







