गेहूं उपार्जन की तैयारी, खेतों में फसल पक कर तैयार, जल्द शुरू होगी कटाई एक सप्ताह बाद आएगा नया खाद्यान्य

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आसमान पर मंडराते बादलों ने बढ़ाई किसानों की चिंता, सरकार में बैठे लोगों के वादे को याद कर रहे किसान

नर्मदापुरम। डोलरिया। होली हो गई रंग पंचमी हो गई। अब खेतों में फसल पक कर तैयार हो गई है। किसान कटाई की तैयारी में है। कहीं कहीं शुरू भी हो गई है। प्रशासन स्तर पर मिली भगत से खरीदी केंद्र बना दिए गए हैं। जिनको लेकर तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। जिसमें खरीदी केंद्र बनाए जाने को लेकर सुगबुगाहटें इतनी तेज हैं जितनी पहले कभी नहीं रही। खुलेआम चर्चाओं का दौर जारी है। केंद्र बन गए तिथि तय हो गई लेकिन अभी किसी भी केंद्र पर खरीदी शुरू नहीं हो सकी है क्योंकि गेहूं निकला ही नहीं है। इतना जरूर है कि जिन वेयर हाउस को ेखरीदी केंद्र खुलने का भाग्य मिल गया या उन्होंने जी तोड़ मेहनत कर खरीदी केंद्र बनवाने में जो सफलता प्राप्त की है उससे उनके मन में फिल्हाल खुशी है। क्योंकि केंद्र बना दिए हैं तो आवक होगी।

बंफर पैदावार की उम्मीद

इस बार जिले में गेहूं की फसल काफी अच्छी है जिससे बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। बस फसल को किसी की नजर न लगे। किसानों को उम्मीद है कि इस बार प्रति एकड़ में 18 से 20 क्विंटल पैदावार होगी। डोलरिया तहसील के ग्राम पंचायत नानपा के किसान मनोरी लाल गौ ने बताया कि उन्होंने दो एकड़ 10 डिसमिल जमीन में चना बोया था 12 से 15 एकड़ में गेहूं की फसल बोई हैं। चने की फसल की पैदावार अच्छी हुई है करीब 36 क्विंटल के करीब चना निकला है वही गेहूं की पैदावार भी इस बार अच्छी हो रही है। एक एकड़ में 18 से 20 क्विंटल के एवरेज की स्थिति बन रही है। क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के युवा जिला मंत्री सतपाल सिंह राजपूत ने बताया कि केंद्र और प्रदेश की सरकार ने किसानों के साथ चुनाव के दौरान अनेक वादे किए थे वह किसान याद कर रहे हैं। लेकिन जीत कर किसानों के साथ छलावा किया है।

किसान कह रहे हैं कि चुनाव से पूर्व सत्ताधारियों ने किसानों के साथ वादा किया था कि गेहूं का समर्थन मूल्य 27 सौ रुपए प्रति क्विंटल किया जाएगा और धान का समर्थन मूल्य 31 सौ रुपए किया जाएगा। वह वादे हवा हवाई हो गए। जीतने के बाद सरकार में बैठे लोगों ने किसानों के साथ धोखा किया है।

सही नहीं मिल रहे धान के दाम

वर्तमान में मंडियों में धान की बंपर आवक हो रही है। लेकिन दाम कम मिल रहे हैं। अच्छी किस्म की बासमती धान 23 सौ 24 सौ रुपए प्रति क्विंटल के दाम बिक रही है। जिससे किसानों को घाटा हो रहा है एक तरफ सरकार कहती है कि किसानों की आय दोगुना हो गई है जबकि वास्तव में किसानों की आय घटी है।

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