जबलपुर सिक्ख संगत ने पत्र लिख कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया
जबलपुर / सिक्खों के विश्व प्रसिद्ध सिक्ख तीर्थ स्थल श्री हेमकुण्डसाहिब चमोली, उत्तराखंड में 2730.13 करोड़ की लागत से रोप-वे परियोजना की मंजूरी देने पर जबलपुर के सिक्ख समाज की शिरोमणी संस्था जबलपुर सिक्ख संगत के प्रधान एवं पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश शासन,सरदार हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू ने एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत सरकार के इस कदम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया है। मीडिया प्रभारी स. प्रदीप सिंह भोगल द्वारा प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि, श्री हेमकुण्डसाहिब सिक्खों के दसवें गुरू एवं खालसा पंथ के सृजक श्री गुरू गोबिंद सिंह जी की तपोभूमि रही है। जिसके द्वार मई से सितम्बर के बीच साल में लगभग 5 माह के लिए खुलते हैं। देश विदेश से लगभग दो लाख तीर्थयात्री यहाँ गोविंद घाट से 21 किलोमीटर की चुनौतिपूर्ण चढ़ाई पैदल, टट्टू, अथवा पालकी द्वारा तय करते हैं, जिसमें तकरीबन दो दिन लग जाते हैं। वहीं,रोप-वे से अब यह यात्रा महज कुछ ही घंटों में पूर्ण हो सकेगी । इस हेतु विश्व भर के सिक्खों में हर्ष व्याप्त है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुश्कर सिंह धामी को पत्र की प्रतिलिपि भेजकर हाल ही में हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए गोविंद घाट, हेमकुण्ड के अस्थाई पुल के शीघ्र ही पुनर्निर्माण की अपील भी की गई है। दो दिन पहले ही यह पुल एक विशाल शिला खंड के गिरने से पूरी तरह से टूट गया है। गोबिंद घाट से आगे बढ़ने का यही एकमात्र मार्ग है।








